- अमेरिका ने वेनेज़ुएला में "Operation Absolute Resolve"ऑपरेशन कर राष्ट्रपति मादुरो को हिरासत में लिया था
- अमेरिकी इंटेलिजेंस ने महीनों तक मादुरो की दिनचर्या पर नजर रखकर ऑपरेशन की पूरी योजना बनाई थी
- ऑपरेशन में दो घंटे बीते जिसमें हवाई, समुद्री और जमीनी हमले कर कराकास के कई हिस्सों में धमाके किए गए थे
अंधेरी रात के सन्नाटे में कराकास की खिड़कियां कई धमाकों से कांप उठीं, आसमान में उड़ते हेलिकॉप्टरों की तेज घूमती पंखड़ियों से जमीन पर उड़ती धूल और खास हथियारों के साथ उनसे उतरते अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवान. ये नजारा उस वक्त का था जब अमेरिका ने वेनेजुएला में अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस मिशन के दौरान शहर के कई हिस्से अंधेरे में डूब गए. यही वह रात थी जब अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके सुरक्षित ठिकाने से निकालकर कस्टडी में ले लिया. इस हाई-ऑक्टेन ऑपरेशन को वाशिंगटन ने नाम दिया था “Operation Absolute Resolve”, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा के मार-ए-लागो क्लब से लाइव देख रहे थे.

महीनों की निगरानी और ‘फुल-साइज' सेफ हाउस की रिहर्सल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने लंबे समय तक निकोलस मादुरो की दिनचर्या पर बारीकी से नजर रखी, जैसे कि वे कहां सोते हैं, क्या खाते हैं, क्या पहनते हैं, इन सब हर छोटी-छोटी बातों तक को मैप किया गया. योजना इतनी पुख्ता था कि कि एलिट यूएस ट्रूप्स ने कराकास वाले उनके सेफ हाउस तक की फुल-साइज रेप्लिका बनाकर एंट्री रूट्स की रिहर्सल की, ठीक वैसे ही जैसे ओसामा बिन लादेन मिशन के लिए तैयारी की गई थी. दिसंबर की शुरुआत में ऑपरेशन का ब्लूप्रिंट फाइनल हुआ, लेकिन लॉन्च के समय का चुनाव मौसम और क्लाउड कवर देखकर किया गया. क्रिसमस से न्यू ईयर तक फोर्सेज ‘ट्रिगर अलर्ट' पर रहीं. आखिर में शुक्रवार रात डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया और मिशन शुरू हो गया.
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हवा–जमीन–समुद्र: 2 घंटे 20 मिनट का ‘ऑल-डोमेन' अटैक
ऑपरेशन की शुरुआत आसमान से हुई, जहां 20 अलग-अलग बेस से उड़ानें भरी गईं और 150+ एयरक्राफ्ट—F‑22, F‑35, F/A‑18, EA‑18, B‑1 बॉम्बर और ‘अनेक' ड्रोन ने एयर डिफेंस और सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक्स कर लो-लेवल हेलिकॉप्टर्स के लिए कॉरिडोर बनाया. कराकास में La Carlota एयरफील्ड और Port La Guaira सहित कई लोकेशन पर धमाके और धुआं देखा गया. स्थानीय समय 02:00 बजे के आसपास कराकास में तेज धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और आसमान में विमानों/हेलिकॉप्टर्स उड़ते दिखे. इस दौरान कई इलाकों में बत्ती गुल हो गई. ट्रंप ने दावा किया कि “हमारी एक स्पेशल टीम” ने शहर की लाइटें बंद की, ताकि फोर्सेज को अंधेरे में फायदा मिल सके.

डेल्टा फोर्स की ‘क्लीन एक्सट्रैक्शन'
डेल्टा फोर्स और साथ में FBI/लॉ-एन्फोर्समेंट की ‘अप्रीहेंशन टीम' लो-एल्टीट्यूड फ्लाइट से समुद्र पार कर मादुरो के कंपाउंड में दाखिल हुई. फोर्सेज ने स्टील दरवाजों को सेकंड्स में तोड़ा और मादुरो, जो कि स्टील सेफ़ रूम तक पहुंचने की कोशिश में दरवाज़ा बंद नहीं कर पाए. उन्हें और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस समेत कस्टडी में ले लिया. जनरल डैन केन (चेयरमैन, जॉइंट चीफ़्स) ने बताया कि 1:01 a.m. ET पर टीम टार्गेट पर थी और 3:29 a.m. ET तक ओवर वाटर लौट आई. एक्सफिल के दौरान भी “मल्टिपल सेल्फ-डिफेंस एंगेजमेंट्स” हुए, जिन्हें एयर कवर दिया गया.

मार-ए-लागो से ‘लाइव'—“टेलीविजन शो जैसा”
ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन को मार-ए-लागो से लाइव स्ट्रीम पर देखा. उन्होंने इसे “टेलीविजन शो जैसा” बताते हुए स्पीड और वॉयलेंस का जिक्र किया, साथ ही यह भी कहा कि अमेरिकी हताहत शून्य रहे. ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेज़ुएला ‘चलाएगा' और देश के तेल संसाधनों को सक्रिय करेगा. जरूरत पड़ने पर दूसरी, बड़ी वेव के लिए भी तैयार रहने की बात कही. इस बयान पर कांग्रेस के डेमोक्रेट्स ने कानूनी वैधता पर सवाल उठाए और कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनौती बताया.

मिशन में किसी की मौत नहीं
इस दौरान अमेरिकी पक्ष में “कुछ लोग घायल हुए,” लेकिन किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई. वेनेज़ुएला की ओर से किसी हताहत की पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका ने पहले मादुरो की गिरफ्तारी के लिए 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था. लेकिन शनिवार तड़के 04:20 स्थानीय समय तक हेलिकॉप्टर वेनेज़ुएला की सीमा छोड़ चुके थे, जिनमें मादुरो और उनकी पत्नी सवार थे. उन्हें अमेरिकी न्याय विभाग की हिरासत में लिया गया और न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर आपराधिक मुकदमा चलने की उम्मीद है. लगभग एक घंटे बाद ट्रंप ने दुनिया को इस ऑपरेशन की सफलता की घोषणा की.

न्यूयॉर्क में मादुरो की एंट्री: हथकड़ी और आंखों पर पट्टी
मादुरो के हाथों में हथकड़ी और आंखों पर पट्टी थी, उनके साथ उनकी पत्नी भी थी. दोनों को अमेरिकी न्याय विभाग की हिरासत में लिया गया है। मादुरो पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत मुकदमा चलेगा. अमेरिका के इस मिशन की दुनिया भर में आलोचना हो रही है. चीन ने इसे “बेहद चौंकाने वाली घटना” बताया, जबकि रूस के विदेश मंत्री ने वेनेज़ुएला के उपराष्ट्रपति से फोन पर बात की. भारत ने वेनेज़ुएला के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि “बिना वजह वहां की यात्रा से बचें और वहां रह रहे भारतीय सावधानी बरतें.”

ट्रंप का दावा: “दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ऐसा मिशन नहीं देखा”
ट्रंप ने कहा, “मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेज़ुएला की राजधानी पर विध्वंसक हमला किया और हमने जमीन, आसमान और समंदर से अटैक किया. यह इतिहास में अमेरिकी सेना का सबसे सफल ऑपरेशन था. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद ऐसा हमला नहीं देखा गया.” उन्होंने यह भी बताया कि खराब मौसम की वजह से ऑपरेशन को चार दिन तक टालना पड़ा. जैसे ही बादल हटे और हालात सही हुए, ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी गई.

ऑपरेशन के दौरान क्या हुआ?
हेलिकॉप्टर समुद्र के बेहद पास उड़ते हुए वेनेज़ुएला पहुंचे. इस दौरान ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा दे रहे थे. कराकास में कई धमाके हुए, शहर के कई हिस्सों में बिजली काट दी गई. फिर डेल्टा फोर्स ने मादुरो के सुरक्षित ठिकाने पर धावा बोला. हालांकि मादुरो सेफ़ रूम तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाज़ा बंद नहीं कर पाए. अमेरिकी जवानों ने स्टील दरवाजे तोड़कर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया.
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