वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है. वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शनिवार को अपने पहले टेलीविजन संबोधन में अमेरिका से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को तत्काल रिहा करने की मांग की और उन्हें देश का 'एकमात्र वैध राष्ट्रपति' बताया. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला कभी किसी भी देश का उपनिवेश नहीं बनेगा और अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
डेल्सी रोड्रिगेज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को कथित तौर पर एक सैन्य अड्डे से हिरासत में लेकर अमेरिका भेजा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों को एक अमेरिकी युद्धपोत पर संयुक्त राज्य अमेरिका ले जाया गया, जहां उन्हें न्याय विभाग की ओर से लगाए गए नार्को-टेररिज्म साजिश के आरोपों का सामना करना है.
'वेनेजुएला में केवल एक ही राष्ट्रपति, और वो है मादुरो'
अपने संबोधन में रोड्रिगेज ने इस कार्रवाई को 'अवैध और नाजायज अपहरण' करार दिया. उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे देश में गुस्सा है और वेनेजुएला की जनता अपने राष्ट्रपति की रिहाई की मांग कर रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'इस देश में केवल एक ही राष्ट्रपति है और उनका नाम निकोलस मादुरो है.'
उपराष्ट्रपति ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि वेनेजुएला अपनी संप्रभुता, स्वतंत्रता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. उन्होंने कहा कि बाहरी दबाव या ताकत के आगे झुकना वेनेजुएला के इतिहास और आत्मसम्मान के खिलाफ है.
बड़े जियो-पॉलिटिकल बदलाव का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम लैटिन अमेरिका की राजनीति में बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का संकेत हो सकता है. अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी और उसे लेकर उपराष्ट्रपति का खुला और आक्रामक रुख हालात को और गंभीर बना सकता है.
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को लेकर कोई कूटनीतिक पहल होती है या नहीं.
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