अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की एक अदालत ने उस ऐतिहासिक कानून के कुछ हिस्सों को रद्द कर दिया है, जिसने दिवाली को आधिकारिक तौर पर राज्य की सरकारी छुट्टी का दर्जा दिया था. यह फैसला कानून लागू होने के एक साल से भी कम समय बाद आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत का फैसला छुट्टी पर नहीं, बल्कि कानून में दिवाली के धार्मिक महत्व को जिस तरह लिखा गया था, उस पर है. यह जानकारी हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने दी.
बता दें कि अक्टूबर 2025 में कैलिफोर्निया ने दिवाली को राज्य की सरकारी छुट्टी घोषित किया था. ऐसा करने वाला वह अमेरिका का तीसरा राज्य बना था. इससे पहले पेंसिल्वेनिया और कनेक्टिकट भी ऐसा कर चुके थे. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूज़म ने विधानसभा सदस्य ऐश कालरा द्वारा पेश किए गए इस बिल पर हस्ताक्षर करके इसे कानून बना दिया था. हालांकि, इस कानून का मतलब यह नहीं था कि दिवाली पर सभी लोगों के लिए पेड लीव जरूरी होगी. इसके तहत योग्य सरकारी कर्मचारियों को पेड लीव लेने की अनुमति दी गई थी. साथ ही सरकारी स्कूलों और कम्युनिटी कॉलेजों को चाहें तो दिवाली के मौके पर बंद रखने का विकल्प दिया गया था.
HAF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह फैसला राज्य में रहने वाले अलग-अलग संस्कृति और धर्म के लोगों को पहचान देने की कोशिशों के लिए एक झटका है. संस्था ने यह भी कहा कि वह इस मामले पर नजर बनाए हुए है और कैलिफोर्निया में रहने वाले हिंदू अमेरिकियों का समर्थन जारी रखेगी, ताकि उनका समुदाय अपने महत्वपूर्ण त्योहारों को मनाने का अधिकार सुरक्षित रख सके.
दिवाली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है और इसे दुनिया भर में करोड़ों भारतीय मनाते हैं. अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी कैलिफोर्निया में ही रहती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं