अमेरिका के टेक्सास के रहने वाले स्टीव मार्टिन के घर में रखा करीब 9 किलो वजन का एक पुराना गोला कई सालों तक लोगों के लिए सिर्फ एक अजीब-सी चीज था. लोग उसे उठाते, देखते और उसके बारे में बात करते. उसका इस्तेमाल पेपरवेट के तौर पर किया जाता, ताकी पन्ने न उड़ें. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस चीज को सब ‘नकली बम' समझ रहे हैं, वह असल में 160 साल से ज्यादा पुराना खतरनाक विस्फोटक है. वह लाइव एक्सप्लोसिव था, यानी वह फट सकता था.
क्या है पूरी कहानी?
स्मिथसोनियन मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार यह कहानी अमेरिकी गृहयुद्ध के दौर की है. उस समय लड़ाई के लिए बनाया गया यह तोप का गोला 160 साल से भी ज्यादा समय बाद स्टीव मार्टिन की मेज पर पेपरवेट बनकर पहुंचा था. मार्टिन को यह चीज उनके बेटे से मिली थी. उनके बेटे को यह एक बार मछली पकड़ने के दौरान मिली थी. मार्टिन ने इसे अपने पास रख लिया और कागज दबाने के लिए इस्तेमाल करने लगे.
कई साल तक यह उनके घर आने वाले मेहमानों के लिए खास आकर्षण बना रहा. मार्टिन ने बताया कि जो भी उनके घर आता, वह इस चीज को जरूर उठाता, देखता और हाथ में लेकर जांचता. सभी को लगता था कि यह किसी तरह का नकली बम है. लेकिन पिछले महीने एक ट्रक ड्राइवर से बातचीत के बाद पूरी कहानी बदल गई. उस व्यक्ति का सैन्य बैकग्राउंड था. यानी वह सेना में रह चुका था. उसने गोले को देखकर कहा कि यह बिल्कुल बेकार या नकली चीज नहीं लग रही. उसे शक हुआ कि यह असल में जिंदा यानी सक्रिय तोप का गोला हो सकता है.
इतिहास का हिस्सा था यह गोला
यह गोला पैरॉट राइफल के लिए बनाया गया था. यह एक ऐसी तोप थी जिसे आविष्कारक रॉबर्ट पार्कर पैरॉट ने 1860 में बनाया था. नेशनल पार्क सर्विस के मुताबिक, इस तोप का इस्तेमाल 1862 में फोर्ट पुलास्की और 1863 से 1864 के बीच फोर्ट सम्टर पर यूनियन सेना ने बेहद प्रभावी तरीके से किया था. आखिरकार एक्सपर्ट्स इस गोले को कैंप बुलिस के विस्फोटक प्रशिक्षण क्षेत्र में ले गए. अटास्कोसा काउंटी से 50 मील से ज्यादा दूर ले जाकर उन्होंने इसे सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर नष्ट कर दिया.
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