- अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और परमाणु खतरे को खत्म करना है
- अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने आकलन किया कि खामेनेई की मौत पर कट्टरपंथी IRGC नेता सत्ता संभाल सकते हैं
- CIA रिपोर्ट में सैन्य कार्रवाई के संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया गया, लेकिन निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला है
अगर अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो जाती है तो फिर ईरान पर किसका शासन होगा? जब मिडिल ईस्ट अपने इतिहास के सबसे खूनी जंगों में से एक से गुजर रहा है, यह सवाल बहुतों के मन में आ रहा है. दरअसल अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमला किया, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करने और परमाणु हथियार बनाने के खतरे को खत्म करने के लिए एक बड़ा अभियान बताया.
जवाब में ईरान ने कहा कि वह अपनी मातृभूमि की रक्षा करेगा और उसने जवाबी हमले भी किए हैं. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं और बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर हमले किए.
आयतुल्लाह अली खामेनेई गए तो कौन संभालेंगा ईरान?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों से पहले, अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने आकलन किया था कि अगर इस ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत भी हो जाती है, तो उनकी जगह संभवतः इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कट्टरपंथी नेता ले सकते हैं. यह बात रॉयटर्स को दो सूत्रों ने बताई है.
बता दें कि IRGC एक विशेष और शक्तिशाली सैन्य बल है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान में शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं के शासन की रक्षा करना है. रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि खुफिया एजेंसी की इन रिपोर्टों में किसी भी संभावित स्थिति के बारे में पूरी तरह निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला गया था. इन सूत्रों ने खुफिया मामलों पर बात करने के लिए गुमनाम रहने की शर्त पर जानकारी दी.
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