- तीन दिन के अंदर अमेरिकी सेना ने दूसरी बार ईरान पर हमला कर दिया है.
- ट्रंप ने “काम पूरा करने” की चेतावनी दी और कुछ ही घंटे में ईरान के बंदर अब्बास में अमेरिकी सेना ने हमला कर दिया
- ईरान कह रहा है कि उसकी सेना पूरी तैयारी में है
US Iran War Updates: दुनिया की सांसें फिर अटक गई हैं. तीन दिन के अंदर अमेरिकी सेना ने दूसरी बार ईरान पर हमला कर दिया है. कहने को तो सीजफायर है और उम्मीद शांति समझौते की थी लेकिन दूसरी तरफ मिसाइलों, युद्ध और तेल के सबसे अहम समुद्री रास्ते को लेकर धमकियां तेज हो गई हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, अभी भी पूरी दुनिया की टेंशन का केंद्र बना हुआ है. ट्रंप “काम पूरा करने” की चेतावनी देते हैं और कुछ ही घंटे में ईरान के बंदर अब्बास में अमेरिकी सेना हमला कर देती है. ईरान कह रहा है कि उसकी सेना पूरी तैयारी में है, और आम लोग हर रात इस डर में जी रहे हैं कि कहीं फिर से पूरे ईरान में मिसाइल हमले शुरू न हो जाएं.
शांति की उम्मीदों को झटका
बुधवार को तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी क्योंकि लोगों को उम्मीद होने लगी कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो सकता है. लेकिन अमेरिका के हमलों और उससे भी पहले ट्रंप की धमकियों ने शांति की उम्मदी को झटका दे दिया है. ईरान भी कह रहा है कि हम जंग के लिए तैयार हैं. सीजफायर के बीच हमलों और इन अलग-अलग बयानों से साफ दिखा कि मिडिल ईस्ट की जंग को खत्म करने की बातचीत अभी बहुत नाज़ुक स्थिति में है.
दरअसल ईरान ने कहा कि दोबारा युद्ध होने की संभावना कम है. वहीं ट्रंप ने व्हाइट हाउस की कैबिनेट बैठक में कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी तक उसने उतनी रियायत नहीं दी है जितनी अमेरिका चाहता है. ट्रंप ने कहा, “ईरान बहुत ज्यादा समझौता करना चाहता है. लेकिन अभी तक बात वहां तक नहीं पहुंची है. हम इससे संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन हो जाएंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “या तो ऐसा होगा, नहीं तो हमें बस काम पूरा करना पड़ेगा.” उनका इशारा ईरान में फिर से जंग शुरू करने से ही था. ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी दी है. खास बात है कि ओमान अमेरिका का सहयोगी देश है और इस संघर्ष में बीच-बचाव कराने की कोशिश कर रहा है. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या कुछ समय के लिए ईरान और ओमान को मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य कंट्रोल करने दिया जा सकता है, तो उन्होंने कहा, “नहीं, यह जलडमरूमध्य सबके लिए खुला रहेगा. यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र है और ओमान बाकी सबकी तरह व्यवहार करेगा, नहीं तो हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा. वे यह समझते हैं, सब ठीक रहेगा.”
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा है कि “दुश्मन की कमजोरी की वजह से युद्ध की संभावना कम है”, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमला हुआ तो सेना “पूरी तैयारी के साथ इंतजार कर रही है.” यह जानकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दी.
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