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ईरान पर 3 स्टेज में अमेरिका करेगा निर्णायक प्रहार! 45 मिनट की मीटिंग में टीम ट्रंप ने बनाया पूरा प्लान

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम अपनी शर्तों पर ईरान को समझौते के लिए मजबूर करना चाहती है. इसके लिए वह एक के बाद एक कई छोटे लेकिन ताकतवर हमलों की तैयारी में है.

ईरान पर 3 स्टेज में अमेरिका करेगा निर्णायक प्रहार! 45 मिनट की मीटिंग में टीम ट्रंप ने बनाया पूरा प्लान
US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम आखिरी प्रहार के लिए तैयार
  • अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर सैन्य हमलों की नई रणनीति की 45 मिनट लंबी ब्रीफिंग दी
  • योजना में ईरान के अंदर कई छोटे लेकिन ताकतवर हमलों के जरिए उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शामिल- रिपोर्ट
  • अंतिम चरण में स्पेशल फोर्स ऑपरेशन के तहत ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना योजना में है
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US Iran War: मिडिल ईस्ट में अभी जो थोड़ी-बहुत शांति दिख रही है, वो जल्द ही टूट सकती है. अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए एक नई रणनीति बना रही है. मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को अंजाम दे रही 'यूएस सेंट्रल कमांड' (CENTCOM)' ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 45 मिनट की ब्रीफिंग की है और ईरान पर हमलों की नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी. यह रिपोर्ट एक्सियोस ने छापी है.

अमेरिका के दो अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया कि सेंटकॉम के कमांडर ब्रैड कूपर और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन ने यह ब्रीफिंग दी. इससे पहले एक्सियोस ने बताया था कि नाजुक सीजफायर के बीच अमेरिका ईरान पर आखिरी बड़ा हमला (फाइनल ब्लो) करने के लिए तैयार है. 

अमेरिका की 3 स्टेप वाली प्लानिंग क्या है?

एक्सियोस के अनुसार, यह ब्रीफिंग सेंटकॉम द्वारा तैयार की गई एक योजना से जुड़ी है, जिसमें ईरान पर एक के बाद एक कई छोटे लेकिन ताकतवर हमलों को अंजाम दिया जाएगा. इसमें ईरान के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचे) को निशाना बनाया जा सकता है, ताकि न झुकने की कसम खा रखे ईरान को तोड़ा जा सके, क्योंकि युद्धविराम फिलहाल अटका हुआ है.

एक दूसरी योजना में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर “कब्जा” करना और उसे व्यापारिक जहाजों के लिए खोलना शामिल है. योजना का आखिरी हिस्सा एक स्पेशल फोर्स ऑपरेशन है, जिसमें ईरान के ज्यादा समृद्ध (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित करना शामिल है.

इससे पहले, एक्सियोस को दिए एक खास इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही होर्मुज की नाकाबंदी जारी रहेगी. ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, “नाकाबंदी बमबारी से ज्यादा असरदार है. वे बुरी तरह फंस चुके हैं और हालात उनके लिए और खराब होंगे. उन्हें परमाणु हथियार नहीं मिल सकता.”

ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें पहले होर्मुज को खोलने और नाकाबंदी हटाने के बाद परमाणु बातचीत करने की बात कही गई थी. इसके बजाय, उन्होंने जोर दिया कि किसी भी ढील से पहले ईरान को अमेरिका की आपत्तियों का जवाब देना होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी ट्रंप नाकाबंदी को अपना मुख्य दबाव का तरीका मानते हैं, लेकिन अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता है, तो वे सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं.

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