- अमेरिकी हिंदू मंदिर में कत्लेआम की साजिश रचने वाला 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस पुलिस गिरफ्त में है.
- अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बढ़ती भारत विरोधी नफरत को इस घटना की मुख्य वजह बताया है.
- सांसद ने अमेरिकी गन कानूनों की आलोचना करते हुए हथियारों के प्रसार को रोकना आवश्यक बताया है.
बीते रविवार को अमेरिका में हिंदू मंदिर में कत्लेआम की जो साजिश नाकाम हुई, उस मामले में इलिनॉय के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बड़ा बयान दिया है. NDTV से बातचीत में कृष्णमूर्ति ने इस खौफनाक हरकत के लिए अमेरिका में बढ़ रही 'भारत विरोधी, भारतीय-अमेरिकी विरोधी और दक्षिण एशियाई विरोधी नफरत' को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन आग में घी डाल रहा है. उस दिन की घटना के बारे में अमेरिकी भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत होने के कारण हजारों लोग मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे थे. वो भी परिवार के साथ अरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पहुंचे थे. उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि बाहर एक 19 वर्षीय साल का लड़का इतने खतरनाक मंसूबों के साथ खड़ा है.
राइफल जाम होने से बच गया कत्लेआम
हिंदू मंदिर में कत्लेआम की साजिश रचने वाला लड़का एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस अब पुलिस गिरफ्त में है. अमेरिकी पुलिस ने बताया कि वह टैको बेल में कैशियर का काम करता है और उसने हिंदू मंदिर में भारतीय लोगों की बड़े पैमाने पर हत्या करने की साजिश रची थी. AR-15 राइफल जाम होने के कारण पैपोराकिस की साजिश फेल हो गई. नहीं तो उस दिन कई लोगों की हत्या हो जाती.

अमेरिका में क्यों हो रही ऐसी हरकतें? सांसद ने एनडीटीवी को बताया
NDTV से बातचीत में डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, "ऑनलाइन फैल रही चरमपंथी बयानबाजी से ऐसी हरकतों को बढ़ावा मिलता है. आप इसे टेक्सास में देखते हैं. फ्लोरिडा में देखते हैं. फ्लोरिडा के एक निर्वाचित अधिकारी ने मुझे अमेरिका छोड़ने की बात कही थी.
'मिस्टर सिंह देश छोड़ दें' जैसे पोस्ट आग में घी डालने वाले
अमेरिकी प्रशासन की ओर से 'मिस्टर सिंह देश छोड़ दें' वाले पोस्ट का जिक्र करते हुए राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, "ट्रंप प्रशासन भी आग में घी डाल रहा है. सिख अमेरिकियों को निशाना बनाते हुए एक ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें कहा गया, 'मिस्टर सिंह, खुद देश छोड़ दें, वरना...' एक सप्ताह बाद सिंह नाम के एक सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया और वह मरते-मरते बचे. इसलिए ऑनलाइन की यह बयानबाजी अब हिंसा में बदल रही है. इसे अब रोकना ही होगा."

ट्रंप प्रशासन ने मंदिर-चर्च का फंड रोक रखा है
कृष्णमूर्ति ने आगे कहा कि अमेरिका में पहले से ही 'नॉनप्रॉफिट सिक्योरिटी ग्रांट प्रोग्राम' (NSGP) नाम का एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देशभर में मंदिरों, सिनेगॉग, मस्जिदों और चर्चों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद करना है. हालांकि, उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक कारणों से इस फंड को रोककर रखने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "यह गलत है. उस धनराशि को अब जारी किया जाना चाहिए, ताकि मंदिर और अनेक अन्य संस्थान जोखिम कम करने के लिए जरूरी कदम उठा सकें. यह बेहद महत्वपूर्ण है. भगवान न करे कि कोई और हमला हो और वह किसी ऐसे धार्मिक संस्थान पर हो, जहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था न हो, जबकि हम उसे रोक सकते थे."
अमेरिकी गन कल्चर भी आलोचना
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने US के गन कानूनों की भी आलोचना की. कृष्णमूर्ति ने कहा कि "हथियारों के इस प्रसार को रोकना बेहद जरूरी है, क्योंकि ये ऐसे लोगों को अपने हिंसक इरादों को उस तरीके से अंजाम देने की क्षमता देते हैं, जिससे उनके कृत्य बेहद घातक हो जाते हैं." डेमोक्रेटिक सांसद ने इस घटना में बाल-बाल बचने को "खुफिया तंत्र की विफलता" भी करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन के तहत FBI घरेलू हिंसक चरमपंथ पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है.
यह भी पढ़ें - अमेरिका में हिंदुओं का कत्लेआम क्यों करना चाहता था 19 साल का लड़का? ऐन वक्त पर हुआ यह चमत्कार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं