विज्ञापन

जंग में इस्तेमाल होने लगा AI! ईरान पर हमले के लिए ट्रंप की आर्मी ने लिया नई टेक्नोलॉजी का सहारा- रिपोर्ट

US-Israel War against Iran: अमेरिका-ईरान जंग में AI कंपनी एंथ्रोपिक के टूल्स के उपयोग की बात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले अमेरिका ने ही इस कंपनी को सप्लाई चेन के लिए जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था.

जंग में इस्तेमाल होने लगा AI! ईरान पर हमले के लिए ट्रंप की आर्मी ने लिया नई टेक्नोलॉजी का सहारा- रिपोर्ट
US-Israel War against Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग में इस्तेमाल किया AI- रिपोर्ट
  • अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और रोअरिंग लायन नामक हमले शुरू किए हैं
  • अमेरिकी हमलों में AI तकनीक का इस्तेमाल हुआ, जिसमें एंथ्रोपिक कंपनी के क्लॉड टूल्स शामिल थे- रिपोर्ट
  • अमेरिका ने B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स से ईरान की भूमिगत मिसाइल सुविधाओं पर भारी बम गिराए, सुसाइड ड्रोन भी तैनात किए

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग छेड़ दी और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया. अमेरिकी हथियारों के सामने  ईरान बैकफुट पर नजर आ रहा है. अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था और उसने अपने हमलों में कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया. खास बात है कि एक रिपोर्ट के अनुसार इन हमलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें एंथ्रोपिक कंपनी के क्लॉड टूल्स शामिल थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने ईरान पर हमले के दौरान AI सेवाओं का उपयोग किया है.

एंथ्रोपिक के उपयोग की बात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले अमेरिका ने ही इस कंपनी को सप्लाई चेन के लिए जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह पता नहीं लगा पाया गया कि इन AI टूल्स का युद्ध में ठीक किस तरह इस्तेमाल हुआ है, लेकिन इस बात की पुष्टि की गई है कि इनका इस्तेमाल तो हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर पेंटागन और एंथ्रोपिक ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की.

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने अपने बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर ईरान की मजबूत और भूमिगत (अंडरग्राउंड) मिसाइल सुविधाओं पर 2000 पाउंड के बम गिराए. अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के दौरान भी इन स्टेल्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया था.

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि उसने पहली बार ऐसे सुसाइड ड्रोन इस्तेमाल किए जो तस्वीरों के अनुसार नए लुकास (लो कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम) जैसे दिखाई देते हैं. यह सिस्टम एरिजोना की कंपनी स्पेक्ट्रवर्क्स बनाती है, लेकिन कंपनी ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की. पेंटागन के अनुसार पहली बार सेंटकॉम ने ऐसे वन-वे अटैक ड्रोन भी इस्तेमाल किए जो ईरान के शहीद ड्रोन जैसे मॉडल पर बने हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए, जिनमें एफ-ए-18 और एफ-35 लड़ाकू विमान ईरान पर हमले करते दिखाई दिए. सोमवार सुबह सेंटकॉम ने एक्स पर और तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि हमले अभी भी जारी हैं. पोस्ट में ऑपरेशन के पहले 24 घंटों में इस्तेमाल किए गए हथियारों और निशाना बनाए गए ठिकानों की सूची भी दी गई.

ईरान पर हमले जारी

इसी बीच सोमवार को इजरायली वायुसेना ने कहा कि इजरायल की सेना ईरान में लगातार बड़े पैमाने पर हमले कर रही है. उसने कहा कि सैन्य खुफिया की जानकारी के आधार पर वायुसेना ने तेहरान के केंद्र में ईरानी शासन से जुड़े ठिकानों पर एक और हमले की लहर शुरू की है. गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ ऑपरेशन रोअरिंग लायन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम से संयुक्त मिसाइल हमला शुरू किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए. उनके साथ उनकी बेटी, पोता, बहू और दामाद की भी मौत हुई.

यह भी पढ़ें: ईरान में 'वेनेजुएला मॉडल' क्यों लागू करना चाहते हैं ट्रंप? सुप्रीम लीडर की कुर्सी के लिए कहा- 3 पसंद आ रहे

लेखक के बारे में
img
Ashutosh Kumar Singh
Chief Sub Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US-Israel War Against Iran, AI In War, Anthropic
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com