- अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अब उसके बैलिस्टिक मिसाइल साइटों और युद्धपोतों को निशाना बनाया है
- हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद इजरायल ने पूरे लेबनान में उसके ठिकानों पर हमला किया
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की बात कही है
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के शुरू किए जंग ने पूरे खाड़ी देशों को जलाकर रख दिया है. जंग को तीन दिन गुजर चुके हैं और यह थमता नहीं दिख रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद एक तीव्र सैन्य अभियान के हिस्से के रूप में अमेरिका और इजरायल ने ईरान भर में लक्ष्यों पर हमला किया है, देश की बैलिस्टिक मिसाइल साइटों पर बमबारी की और युद्धपोतों को नष्ट कर दिया. विस्फोटों से पूरे देश की खिड़कियां हिल गई हैं और तेहरान के ऊपर आसमान में धुएं का गुबार फैल गया है. ईरानी नेताओं ने कहा है कि खमेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की जान लेने वाले हमलों की शुरुआत के बाद से 200 से अधिक लोग मारे गए हैं. चलिए आपको यहां जंग से जुड़े 15 बड़े अपडेट बताते हैं.
- इजरायल ने कहा कि वह पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला कर रहा है. यह तब हुआ जब हिजबुल्लाह ने सीजफायर तोड़ते इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला करने की जिम्मेदारी ली है. 2024 के सीजफायर के बाद ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने ऐसा खुले रूप से ऐसा नहीं किया था. इजरायल की सेना के बयान में कहा गया कि “इजरायल की ओर हिजबुल्लाह द्वारा दागे गए रॉकेटों के जवाब में” इजरायली सेना ने पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के आतंकी संगठन के ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया है."
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि आगे और सैनिकों की मौत हो सकती है. ट्रंप ने ईरान के लोगों से सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने को कहा और कहा, “अमेरिका आपके साथ है.” उन्होंने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी दी कि वे सरेंडर करें, नहीं तो “निश्चित मौत” का सामना करेंगे.
- ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान लगभग चार हफ्ते तक चल सकता है. उन्होंने ब्रिटिश अखबार डेली मेल को दिए इंटरव्यू में कहा कि “हम शुरू से ही सोच रहे थे कि यह लगभग चार हफ्ते की प्रक्रिया होगी.” उन्होंने कहा, “ईरान एक बड़ा देश है, इसलिए इसमें चार हफ्ते लग सकते हैं- या उससे कम.”
- अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का मुख्यालय नष्ट कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने बयान में कहा कि “अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कोई मुख्यालय नहीं बचा है.” यह हमला शनिवार को हुआ था. इसी दौरान इजरायल की सेना ने कहा कि उसने ईरानी शासन के कई सैन्य कमांड सेंटरों पर हमला किया, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का मुख्यालय, खुफिया मुख्यालय, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स एयर फोर्स के कमांड सेंटर और आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय शामिल हैं.
- बमबारी के दूसरे दिन के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि शनिवार को दक्षिणी शहर मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए बम हमले में 165 लड़कियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है.
- अमेरिका और उसके अरब सहयोगियों ने ईरान की निंदा की है. कारण यह था कि ईरान ने उन खाड़ी देशों पर कई हमले किए जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ संयुक्त बयान में कहा कि “नागरिकों और उन देशों को निशाना बनाना जो इस लड़ाई में शामिल नहीं हैं, बहुत लापरवाह और अस्थिरता फैलाने वाला व्यवहार है.”
- इजरायल की सेना ने कहा कि उसने तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. यह हमला उस अमेरिकी-इज़राइली अभियान के शुरू होने के दो दिन बाद हुआ जो ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा है. सेना ने कहा कि इजरायली वायुसेना ने तेहरान के केंद्र में मौजूद “ईरानी आतंकवादी शासन” के ठिकानों पर एक और बड़े हमले की शुरुआत की है.
- अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारी, जिनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो शामिल हैं, मंगलवार को अमेरिकी संसद को ईरान पर हमले के कारण समझाएंगे. रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ़ और सेना प्रमुख जनरल डैन केन कांग्रेस के दोनों सदनों के सभी सदस्यों को जानकारी देंगे. यह बात व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डायलन जॉनसन ने कही.
- कंटेनर शिपिंग कंपनी Maersk ने कहा कि वह सुरक्षा कारणों से स्वेज नहर और होरमुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना रोक रही है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को ही होरमुज जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया था. इसके बाद कई शिपिंग कंपनियों ने इसी तरह के फैसले लिए हैं.
- खाड़ी देशों ने कहा कि वे ईरान के हमलों से अपनी रक्षा करेंगे. जरूरत पड़ने पर वे “हमले का जवाब” भी देंगे. यह बयान उस समय आया जब खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक वीडियो कॉल के जरिए हुई और सभी देशों ने मिलकर जवाब देने की योजना बनाई.
- ईरान से दागी गई नई मिसाइलों के बाद यरूशलम के आसपास सात लोग घायल हो गए. यह जानकारी इजरायल के दमकल विभाग ने दी.
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने अमेरिका को ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दे दी है. इन ठिकानों से “रक्षात्मक हमले” किए जाएंगे, जिनका लक्ष्य ईरान की मिसाइलों और उनके लॉन्चर को नष्ट करना है. लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में यह भी कहा कि “ईरान पर शुरुआती हमलों में हम शामिल नहीं थे और अब हम किसी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं होंगे.”
- यूरोपीय संघ लाल सागर में अपने नौसैनिक मिशन को और मजबूत करेगा क्योंकि अमेरिका-इज़राइल के हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से समुद्री व्यापार को खतरा है. दो नए फ्रांसीसी जहाज़ एस्पाइड्स मिशन में शामिल होंगे. इससे इस मिशन में शामिल युद्धपोतों की संख्या पांच हो जाएगी.
- यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कैलास ने चेतावनी दी कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो मिडिल ईस्ट को भारी नुकसान हो सकता है. उन्होंने ईरान से कहा कि वह अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में बिना सोचे-समझे हमले न करे. उन्होंने कहा, “ईरान में हो रही घटनाएं ऐसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए जिससे मिडिल ईस्ट, यूरोप और अन्य क्षेत्रों को गंभीर और अनिश्चित परिणामों का सामना करना पड़े.”
- ईरान की मीडिया ने बताया कि तेहरान के बाहरी इलाके के एक शहर में पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ. इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई और कुछ लोग मलबे के नीचे फंस गए. न्यूज एजेंसी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कुछ नागरिक “शहीद” हो गए और कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं. वहीं ईरान की समाचार एजेंसी ISNA ने बताया कि उत्तरी तेहरान के गांधी अस्पताल पर हमले किए गए. अस्पताल के अंदर का एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें व्हीलचेयर के बीच फर्श पर मलबा पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है.
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