- यूएन महासभा ने अटलांटिक पार अफ्रीकी दास व्यापार को मानवता के खिलाफ सबसे जघन्य अपराध घोषित किया
- अमेरिका, इजरायल, अर्जेंटीना ने प्रस्ताव का विरोध किया जबकि ब्रिटेन और EU के कई सदस्य मतदान में शामिल नहीं हुए
- घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने दास प्रथा के मुआवजे की मांग करते हुए इस प्रस्ताव को महत्वपूर्ण कदम बताया
युक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को अटलांटिक पार अफ्रीकी दास व्यापार को "मानवता के विरुद्ध सबसे जघन्य अपराध" घोषित किया. हालांकि अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों ने इसका विरोध किया था. इस कदम को समर्थकों ने सुलह और संभावित मुआवजे की दिशा में एक कदम बताया. 123 मतों के पक्ष में, तीन मतों के विरोध में और 52 मतों के अनुपस्थित रहने के साथ, इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.
अमेरिका, इजरायल और अर्जेंटीना ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जबकि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया.
-
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
PM Modi Speech: UN को लेकर NDTV World Summit के मंच पर बड़ी बात बोले पीएम मोदी | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया -
आमिर खान और अमिताभ बच्चन के फैन हैं स्वामी सर्वप्रियानंद, ‘हनुमान अंश’ देखने की जताई इच्छा -
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
कौन सी वेबसीरीज देख रहे विदेश मंत्री S Jaishankar, वर्ल्ड समिट में बताया
मुअवजे की मांग उठी
घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा, जो अफ्रीकी संघ में दास प्रथा के मुआवजे के सबसे मुखर समर्थकों में से एक हैं, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मतदान का समर्थन करने के लिए उपस्थित थे. महामा ने कहा, "आज हम सत्य की पुष्टि करने और घावों को भरने और न्याय दिलाने के मार्ग पर चलने के लिए एकजुट हुए हैं. इस प्रस्ताव को अपनाना विस्मृति से बचाव का काम करता है."
अनिवार्य न होते हुए भी, यह प्रस्ताव केवल स्वीकारोक्ति से कहीं अधिक है और दास व्यापार में शामिल देशों से न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने का आग्रह करता है. यह आज के समाज में "नस्लीय भेदभाव और नव-उपनिवेशवाद की निरंतरता" के माध्यम से गुलामी की विरासत को भी उजागर करता है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, "अटलांटिक पार दास व्यापार मानवता के विरुद्ध एक अपराध था, जिसने व्यक्ति के अस्तित्व पर प्रहार किया, परिवारों को तोड़ा और समुदायों को तबाह कर दिया. अन्याय को उचित ठहराने के लिए, गुलामी के समर्थकों और लाभार्थियों ने एक नस्लवादी विचारधारा का निर्माण किया - पूर्वाग्रह को एक छद्म विज्ञान में बदल दिया."
तो क्या मुआवजे से बचने की कोशिश
संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस प्रस्ताव को "अत्यंत समस्याग्रस्त" बताया. अमेरिकी राजदूत डैन नेग्रिया ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका उन ऐतिहासिक गलतियों के लिए मुआवजे के कानूनी अधिकार को मान्यता नहीं देता है, जो उस समय अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध नहीं थीं." उन्होंने आगे कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका मानवता के खिलाफ अपराधों को किसी भी प्रकार के क्रम में रखने के प्रस्ताव के प्रयास का भी कड़ा विरोध करता है."
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के देशों ने गुलामी के कुकर्मों को स्वीकार करते हुए समान तर्क प्रस्तुत किए. फ्रांसीसी प्रतिनिधि सिल्वेन फोरनेल ने कहा कि यह प्रस्ताव "ऐतिहासिक त्रासदियों को एक-दूसरे के विरुद्ध खड़ा करने का जोखिम पैदा करता है, जिनकी तुलना पीड़ितों की स्मृति का अपमान किए बिना नहीं की जानी चाहिए." घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडज़ेटो अबलाकवा ने मंगलवार को इस आलोचना को खारिज कर दिया कि यह प्रस्ताव मानवीय पीड़ाओं को क्रमबद्ध करने का प्रयास करता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ देशों ने अपने अपराधों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.
उन्होंने एएफपी को बताया, “अटलांटिक पार दास व्यापार के दोषी यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वे सभी औपचारिक रूप से अफ्रीका और अफ्रीकी मूल के सभी लोगों से माफी मांगेंगे.” उन्होंने कहा कि न्याय दिलाने का एक रास्ता यह है कि “लूटी गई सभी कलाकृतियां मातृभूमि को लौटा दी जाएं.” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संस्थाएं संरचनात्मक नस्लवाद को दूर करने के लिए काम करती रहें और प्रभावित लोगों को “मुआवजा” दिया जा सकता है.
ये भी पढ़ें-
कुत्तों और इंसानों का 15,000 साल से भी अधिक पुराना है नाता, नई रिसर्च में कई बातें चौंकाने वाली
मंगल ग्रह पर थी झील, नासा को मिले सुबूत, खबर के साथ चलिए दूसरी दुनिया के रोमांचक सफर पर
होर्मुज के बाद क्या अब काला सागर भी बनेगा युद्धक्षेत्र? रूसी तेल लदे तुर्की के टैंकर पर हमला
हां, अमेरिका से चल रही बात लेकिन... पाकिस्तान के मध्यस्थता वाले दावे को ईरान के विदेश मंत्री ने माना
ईरानी अजीब हैं, कमरे में मिन्नत करते हैं, बाहर आकर तेवर दिखाते हैं - ट्रंप ने दी ईरान को नई धमकी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं