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This Article is From Mar 11, 2011

जापान सुनामी में भारी तबाही, 185 मरे

टोक्यो: जापान में 8.9 की तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद उठी 33 फुट ऊंची सुनामी के कारण भारी तबाही हुई है। इस तबाही में 185 लोग मारे जा चुके हैं और यह संख्या 1000 के करीब पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि जमीदोंज इमारतों में बड़ी संख्या में लोग दबे हो सकते हैं। जापान के उत्तर-पूर्वी तट के निकट सुनामी की लहरों में एक पोत बह गया। इसमें लगभग 100 लोग सवार थे। टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि जापान के तट के पास विभिन्न स्थानों पर सुनामी से काफी क्षति हुई है और पानी में दर्जनों कारें, नाव और यहां तक कि मकान भी बह गये। सरकारी मीडिया एनएचके के फुटेज के मुताबिक सुनामी में एक बड़ा पोत बह गया। अधिकारी भूकंप के कारण हुई क्षति के अलावा घायलों और मृतकों की संख्या का पता लगा रहे हैं लेकिन फिलहाल उनके पास विस्तृत जानकारी नहीं है। स्थानीय मीडिया ने मरने वालों की संख्या 60 बताई है। भूकंप शुक्रवार तड़के दो बजकर 46 मिनट पर आया जिसके बाद कई तगड़े झटके आये जिसमें आधे घंटे बाद आया 7.4 की तीव्रता का भूकंप भी शामिल है। अमेरिकी भूगर्भ सर्वे ने भूकंप की तीव्रता 8.9 बताई जबकि जापान के मौसम विज्ञान विभाग ने इसे 7.9 मापा। भूकंप के कारण जापान ने परमाणु संयंत्रों के मद्देनजर आपात स्थिति घोषित कर दी है, हालांकि सरकार की ओर से कहा है कि किसी परमाणु संयंत्र से विकीरण की जानकारी नहीं है। परमाणु संयंत्रों के निकट के लोगों को वहां से हटने के लिए कहा गया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने विवरण एकत्र करने के लिए जापान के उद्योग मंत्रालय के साथ संपर्क में है। भूकंप के बाद 11 परमाणु संयंत्रों को बंद कर दिया गया। एक परमाणु संयंत्र में आग लगने की खबर है, हालांकि अधिकारियों ने विकीरण की बात से इंकार किया है। सेंदाई शहर में एक रिफायनरी और इस्पात के संयंत्र में आग लग गई तो एक होटल भी ढह गया। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। शहर का हवाई अड्डा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा है कि बड़े क्षेत्रफल में भारी ताबही हुई है, हालांकि परमाणु संयंत्रों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। प्रभावित इलाकों में सैनिकों को भेजने की तैयारी की जा रही है। तोक्यो में अमेरिकी राजदूत जॉन रूस ने कहा कि यहां मौजूद अमेरिकी सैनिक राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन की मदद को तैयार हैं। जापानी रक्षा मंत्री तोशिमी किताजावा ने कहा, रक्षा मंत्रालय और आत्म-रक्षा बल जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर काम करें। उधर, मौसम विज्ञान विभाग ने जापान के पूरे प्रशांत महासागर के तट के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। एनएचके ने चेतावनी दी कि तट के नजदीक रहने वाले लोग सुरक्षित इलाकों की ओर चले जाएं। हवाई में पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने कहा कि जापान, रूस, मार्कस आईलैंड और उत्तरी मारियाना के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गयी है। गुआम, ताईवान, फिलिपिंस, इंडोनेशिया और अमेरिकी राज्य हवाई को सुनामी पर नजर रखने को कहा गया है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी तट से करीब 125 किलोमीटर की दूरी पर दस किलोमीटर की गहराई में तडके दो बजकर 56 मिनट पर भूकंप के झटके आये। यह इलाका तोक्यो से 380 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। तोक्यो में बड़ी संख्या में भवन हिलने लगे और सुरक्षा के लिए लोग सड़कों पर निकल आये। टीवी फुटेज में दिखाया गया है कि एक बड़े भवन में आग लग गई। तोक्यो के ओदैबा जिले में कई घरों से धुआं उठता देखा गया। एनएचके के फुटेज में दिखाया गया है कि सेंदाई स्थित उनके कार्यालय में कर्मचारी लुढ़क रहे हैं और किताब एवं अखबार मेजों से टकरा रहे हैं। मध्य तोक्यो में रेलगाड़ियों को रोक दिया गया। भूकंप आने के आधे घंटे बाद भी तोक्यो में बड़े भवन हिलते रहे और मोबाइल नेटवर्क ने काम करना बंद कर दिया। तटरक्षक बल के अधिकारी योसुके ओ ने कहा कि जापान के तटरक्षक बल ने कार्यबल का गठन किया है और अधिकारी आपात स्थितियों के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हम जल्द क्षति का आकलन करेंगे क्योंकि भूकंप काफी तगड़ा था। मियांगी क्षेत्र में आत्म-रक्षा बलों को भेजा गया है। इस इलाके में भारी तबाही हुई है। यहां गवर्नर योशिहिरों मुराई ने जापानी सरकार से तत्काल सहायता की मांग की थी। समाचार एजेंसी क्योदो के अनुसार नारिता हवाई अड्डे को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। तोक्यो में सबवे व्यवस्था को भूकंप के कारण बंद कर दिया गया और कई इमारतों से लोग बाहर आ गए, हालांकि भीषण सर्दी की वजह से लोगों को वापस अपने घरों में जाना पड़ा।

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जापान, भूकम्प, सुनामी