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ट्रंप का 'मिडिल ईस्ट' मिशन: खाड़ी में हजारों मरीन और लड़ाकू जहाजों की तैनाती, NATO देशों को ट्रंप ने कहा डरपोक

ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ खोलने के लिए खाड़ी में हजारों मरीन और हमलावर जहाज भेजे, जबकि नाटो सहयोगियों पर मदद न करने के लिए ‘डरपोक’ कहकर निशाना साधा. संघर्ष में अब तक 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश ईरान और लेबनान के नागरिक हैं.

ट्रंप का 'मिडिल ईस्ट' मिशन: खाड़ी में हजारों मरीन और लड़ाकू जहाजों की तैनाती, NATO देशों को ट्रंप ने कहा डरपोक
  • डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा के लिए मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य तैनाती का आदेश दिया है.
  • करीब 2,500 अतिरिक्त अमेरिकी मरीन और बड़े अम्फीबियस असॉल्ट शिप्स खाड़ी क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं.
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व की लगभग बीस प्रतिशत तेल और LNG सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है.
नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खुलवाने के लिए मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती का आदेश दिया है. हजारों अमेरिकी मरीन और अम्फीबियस असॉल्ट शिप (हमलावर जहाज) खाड़ी क्षेत्र की ओर भेजे जा रहे हैं. 

सैन्य तैनाती में बड़ी बढ़ोतरी

अमेरिकी नौसेना ने USS Boxer सहित बड़े अम्फीबियस असॉल्ट शिप तैनात किए हैं. करीब 2,500 अतिरिक्त मरीन मध्य पूर्व भेजे जा रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि ये युद्धपोत मध्य पूर्व के लिए तैनात किए गए हैं, हालांकि सटीक लोकेशन गुप्त रखी गई है. यह तैनाती ट्रंप के उस मिशन का हिस्सा है जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा सुरक्षित रूप से खोलना प्राथमिक लक्ष्य है.

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की लगभग 20% तेल और LNG सप्लाई का रास्ता है, जो हालिया संघर्षों के कारण लगभग बंद हो चुका है.

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नाटो सहयोगियों पर ट्रंप का सीधा हमला: ‘कायर… डरपोक!'

ट्रंप ने सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग में अपने नाटो सहयोगियों पर दबाव डालते हुए कहा कि वे खाड़ी क्षेत्र में मदद करने से बच रहे हैं. X पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने नाटो को कागजी शेर और कायर भी बताया. ट्रंप ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिका के बिना, नाटो एक कागजी शेर है. वे परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने के लिए लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे. अब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, और उनके लिए खतरा बहुत कम है.' ट्रंप ने नाटो देशों को COWARDS कहा और कहा कि हम इसे याद रखेंगे.

नाटो देशों ने अभी तक खाड़ी में सैन्य भूमिका निभाने से परहेज किया है. कई यूरोपीय देशों ने कहा है कि वे युद्ध खत्म होने से पहले कोई सैन्य कदम नहीं उठाएंगे. कुछ दिन पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि अगर वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने से इनकार करते हैं, तो उनका भविष्य 'बहुत बुरा' होगा.

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युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा मौतें

ट्रंप के सैन्य अभियान और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर ईरान और लेबनान के नागरिक शामिल हैं. खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे तेल की कीमतें लगभग 50% बढ़ चुकी हैं. 

क्यों बढ़ा तनाव?

पिछले तीन हफ्तों में अमेरिका और इज़रायल ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने कई मिसाइल हमले किए. क्षेत्र में लड़ाई के कारण तेल सप्लाई बाधित हुई है. वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल देखी जा रही है और भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है.

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