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लंदन में रखी भोजशाला वाग्देवी की मूर्ति का Exclusive वीडियो, कोर्ट ने इसे लाने के निर्देश दिए हैं

माना जाता है कि 11वीं सदी में राजा भोज ने इस प्रतिमा को भोजशाला में स्थापित किया था. करीब 4 फुट ऊंची और लगभग 250 किलोग्राम वजनी यह मूर्ति बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर मानी जाती है.

लंदन में रखी भोजशाला वाग्देवी की मूर्ति का Exclusive वीडियो, कोर्ट ने इसे लाने के निर्देश दिए हैं
  • लंदन के संग्रहालय में रखी भोजशाला की वाग्देवी की प्राचीन प्रतिमा को कोर्ट ने भारत वापस लाने के निर्देश दिए.
  • यह सफेद संगमरमर से बनी लगभग चार फुट ऊंची और 250 किलोग्राम वजनी ऐतिहासिक प्रतिमा 11वीं सदी की मानी जाती है.
  • प्रतिमा पर संस्कृत में शिलालेख अंकित हैं जो इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाते हैं.

लंदन में रखी भोजशाला की वाग्देवी प्रतिमा की एक्सक्लूसिव तस्वीर एनडीटीवी को मिली है. हाई कोर्ट ने इसी प्रतिमा को भारत वापस लाने के निर्देश दिए हैं. यह प्राचीन प्रतिमा फिलहाल लंदन के एक संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि भारत सरकार आधिकारिक रूप से इस प्रतिमा को वापस लाने का अनुरोध करती है, तो इसे जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है और यह अपने मूल स्थान पर पुनः स्थापित हो सकती है.

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NDTV की टीम लंदन के एक म्यूजियम में रखी इस ऐतिहासिक प्रतिमा तक पहुंची और इसकी एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने लाई हैं. माना जाता है कि 11वीं सदी में राजा भोज ने इस प्रतिमा को भोजशाला में स्थापित किया था. करीब 4 फुट ऊंची और लगभग 250 किलोग्राम वजनी यह मूर्ति बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर मानी जाती है. 1305 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के दौरान भोजशाला का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया था. बाद में 1875 में ब्रिटिश काल के दौरान खुदाई में यह प्रतिमा मलबे से मिली, जिसे 1880 में एक अंग्रेज अधिकारी इंग्लैंड ले गया. तब से यह मूर्ति लंदन में ही संरक्षित है.

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यह प्रतिमा सफेद संगमरमर से बनी हुई है, जिसकी ऊंचाई लगभग 4 फीट और वजन करीब 250 किलोग्राम बताया जाता है. इसमें बेहद बारीकी से उभरी हुई नक्काशी की गई है, जो इसकी कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाती है. प्रतिमा पर संस्कृत भाषा में शिलालेख भी अंकित हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को और बढ़ाते हैं. माना जाता है कि इस प्राचीन प्रतिमा को वर्ष 1880 में लंदन ले जाया गया था, जहां यह आज भी संरक्षित है.

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धार की भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा होती है. वर्तमान में यह मां वाग्देवी की प्रत‍िमा ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी है. मीड‍िया की खबरों के अनुसार मुगलों के आक्रमण के बाद खंडित हुई इस प्रतिमा को अंग्रेजों ने खुदाई कर 1875 में निकाला था. इसके बाद बीते 117 साल से मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन में ही है.


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