- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी के टोंटी चोरी वाले बयान पर पलटवार किया है
- मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर टोंटी चोरी का तंज कसा था
- अखिलेश यादव ने पलटवार कर कहा कि ये हार की हताशा बोल रही है
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बिना नाम लेकर उन पर किए गए 'टोंटी चोरी' वाले कटाक्ष पर पलटवार किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि इतने ऊंचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है. कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं.
अखिलेश यादव ने कहा, "लत से गलत की ओर… वनस्पति विवेक छीन लेती है और निर्दोष लोगों की हत्याओं का ख़ौफ रातों की नींद. नहीं तो पूरे होश में इतने ऊंचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है. कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं. ये हार की हताशा बोल रही है क्योंकि क़ुदरत का बुलडोजर अब घूम गया है."
लत से गलत की ओर…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 5, 2026
वनस्पति विवेक छीन लेती है और निर्दोष लोगों की हत्याओं का ख़ौफ़ रातों की नींद। नहीं तो पूरे होश में इतने ऊँचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है। कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं। ये हार की हताशा बोल रही है क्योंकि क़ुदरत का…
कार्यक्रम को संबोधित हुए योगी आदित्यनाथ ने सियासी चुटकी ली. उन्होंने कहा, "हम हर घर नल जल योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, कोई टोटी चोरी कर ले रहा है. कोई टोंटी खुला छोड़ दे रहा है." यह बयान देते हुए योगी मंद-मंद मुस्कुराते भी नजर आए. योगी का बयान राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया. लोग इसे सपा नेता अखिलेश यादव पर लगे टोटी चोरी के आरोप से जोड़कर देखने लगे. हालांकि योगी ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया.
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बोले सीएम -
— Anamika Singh kaali (@Anamika4S) June 5, 2026
हमने हर घर नल योजना को आगे बढ़ाया तो कोई टोटी चोरी कर ले रहा है … pic.twitter.com/K72ycuR2jU
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान' संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश वासियों को पांच संकल्प भी दिलाए. इसमें एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना शामिल है.

सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम ‘इंस्पायर्ड बाई नेचर फॉर क्लाइमेट फॉर अवर फ्यूचर' का जिक्र किया और कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि व हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा हैं. जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रह पाएगी. जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल और सबमर्सिबल की व्यवस्था हो गई है, लेकिन पहले कुआं खोदना पवित्र कार्य माना जाता था. दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब, दस तालाब के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है, यानी वृक्ष का महत्व सर्वाधिक है.
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