- तारिक रहमान ने कहा कि श्री कृष्ण ने बुराई का नाश किया और धर्म की स्थापना की थी, जो सनातन धर्म का आधार है
- प्रधानमंत्री ने देश भर के पुजारियों और सेवायतों को सम्मान राशि वितरित की और उनकी सुरक्षा की बात कही
- उन्होंने जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा के अवसर पर सभी से शांति बनाए रखने और बिना डर उत्सव मनाने का आग्रह किया
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ढाका में जन्माष्टमी के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने हिंदू समुदाय के प्रमुख लोगों से मुलाकात कर बधाई दी और पुजारियों व सेवायतों को सम्मान-राशि बांटी. प्रधानमंत्री आज सुबह 10:00 बजे मुख्य अतिथि के तौर पर जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बांग्लादेश सचिवालय स्थित अपने कार्यालय से राजधानी के ओस्मानी मेमोरियल ऑडिटोरियम तक पैदल गए.
तारिक रहमान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा, "मैं बांग्लादेश और दुनिया भर के सभी हिंदुओं और सनातन धर्म को मानने वालों को जन्माष्टमी के अवसर पर दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं."
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क्यों बोला कंस
धार्मिक मामलों के मंत्रालय और हिंदू धार्मिक कल्याण ट्रस्ट ने मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें हिंदू समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि, धार्मिक नेता, जाने-माने नागरिक और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पुजारी और सेवायत शामिल हो रहे हैं.
तारिक रहमान ने कहा, "सनातन धर्म के अनुसार, श्रीकृष्ण का जन्म लगभग 5500 साल पहले मथुरा में हुआ था, जब क्रूर और अत्याचारी कंस वहां का शासक था. आखिरकार श्री कृष्ण ने ही कंस का अंत किया. हिंदू धर्म को मानने वाले लोग मानते हैं कि श्रीकृष्ण ने बुराई का नाश किया और धर्म की स्थापना की."
बांग्लादेश में, कंस जैसे एक व्यक्ति ने वहां के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिए और क्रूर शासक बनकर लोगों पर हावी हो गया. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का ज़िक्र करते हुए तारिक रहमान ने सभा में कहा, "डेढ़ दशक के लंबे समय के बाद, पार्टी, राय, धर्म और पहचान से ऊपर उठकर, इस देश के लोकतंत्र-प्रेमी लोगों ने कंस जैसे फासीवादियों को सत्ता से हटाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी."
हिंदू-मुस्लिम एकता पर दिया बल
तारिक रहमान ने कहा, “बांग्लादेश अब फिर से लोकतंत्र की राह पर है. अर्थव्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष प्रशासन और कानून-व्यवस्था में बेहतरी के साथ, अब देश के पुनर्निर्माण का समय आ गया है. किसी भी देश और समाज में अलग-अलग धर्मों और विचारों के लोग एक साथ रहते हैं. यही विविधतापूर्ण समाज की खूबसूरती है. आज इस कार्यक्रम में किसी ने अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया. याद रखें कि जब हम यूरोप या अमेरिका जाते हैं, तो हम सभी तथाकथित अल्पसंख्यक होते हैं. इसलिए, आधुनिक ग्लोबल विलेज में अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक की पहचान महत्वपूर्ण नहीं है. इसलिए, आइए हम खुद को बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक न समझें, बल्कि खुद को बांग्लादेशी समझें,” तारिक रहमान ने यह बात तब दोहराई जब अल्पसंख्यक समूहों ने हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली कानून-व्यवस्था की घटनाओं के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए.
देश भर के पुजारियों को सम्मान राशि भेजी
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में नौ पुजारियों और सेवायतों को सम्मान-राशि वितरित की. साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (EFT) के माध्यम से देश भर के पुजारियों और सेवायतों के बैंक खातों में भी सम्मान-राशि भेजी गई. बांग्लादेश में हिंदू समुदाय शुक्रवार को भगवान श्री कृष्ण का शुभ जन्मदिन मनाएगा.
तारिक रहमान ने सांप्रदायिक सद्भाव और शांति की अपील की और कहा कि देश को अस्थिर करने और लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है, साथ ही उन्होंने दोहराया कि सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं और सभी को सुरक्षा का अधिकार है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने हिंदू समुदाय के सदस्यों से बिना किसी डर और शांति के साथ जन्माष्टमी और आगामी दुर्गा पूजा मनाने का आग्रह किया और दुर्गा पूजा की अग्रिम शुभकामनाएं दीं.
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