बर्लिन:
सीरिया में पिछले महीने सैनिकों ने कथित रासायनिक हमले को संभवत: राष्ट्रपति बशर अल-असद की इजाजत के बिना अंजाम दिया है। यह दावा जर्मनी के एक समाचार पत्र ने किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जर्मनी की 'बाइल्ड एम सॉनटैग' समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के हवाले से बताया कि सीरिया के तट से दूर समुद्र में तैनात जर्मनी के खूफिया विभाग के निरीक्षक जहाज ने फोन पर हुई कुछ बातचीत को टैप किया है, जिसमें यह संकेत मिले हैं कि पिछले कुछ महीने से सेना के कमांडर राष्ट्रपति से रासायनिक हमले के इस्तेमाल की इजाजत मांग रहे थे और असद हर बार इससे इनकार कर रहे थे।
समाचार पत्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि इसका मतलब यह है कि असद ने 21 अगस्त को हुए हमले की इजाजत नहीं दी होगी जिसमें सैंकड़ों लोग मारे गए थे। असद भी इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार करते आए हैं।
समाचार पत्र ने हालांकि, यह भी बताया कि जर्मनी की खूफिया विभाग के पास असद सरकार के कुछ लोगों को रासायनिक हमले का जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जर्मनी की 'बाइल्ड एम सॉनटैग' समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के हवाले से बताया कि सीरिया के तट से दूर समुद्र में तैनात जर्मनी के खूफिया विभाग के निरीक्षक जहाज ने फोन पर हुई कुछ बातचीत को टैप किया है, जिसमें यह संकेत मिले हैं कि पिछले कुछ महीने से सेना के कमांडर राष्ट्रपति से रासायनिक हमले के इस्तेमाल की इजाजत मांग रहे थे और असद हर बार इससे इनकार कर रहे थे।
समाचार पत्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि इसका मतलब यह है कि असद ने 21 अगस्त को हुए हमले की इजाजत नहीं दी होगी जिसमें सैंकड़ों लोग मारे गए थे। असद भी इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार करते आए हैं।
समाचार पत्र ने हालांकि, यह भी बताया कि जर्मनी की खूफिया विभाग के पास असद सरकार के कुछ लोगों को रासायनिक हमले का जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
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