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4 साल से शरबत में चींटियां डालकर परोस रहा था मशहूर रेस्टोरेंट, अब मालिक पर जेल का खतरा

साउथ कोरिया में 10 तरह के कीड़ों को ही खाने की अनुमति है, जैसे टिड्डे और रेशम के कीड़े. लेकिन अगर खाने में चींटियों जैसे किसी दूसरे कीड़े को परोसना चाहता हैं, तो पहले सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है.

4 साल से शरबत में चींटियां डालकर परोस रहा था मशहूर रेस्टोरेंट, अब मालिक पर जेल का खतरा
4 साल से शरबत में चींटियां डालकर परोस रहा था मशहूर रेस्टोरेंट (प्रतिकात्मक फोटो)

साउथ कोरिया के एक बेहद मशहूर रेस्टोरेंट का मालिक बड़ी मुश्किल में फंस गया है. वजह है उसकी एक खास शरबत डिश, जिसे सजाने के लिए उस पर सूखी चींटियां डाली जाती थीं. अब इसी मामले में मालिक पर एक साल तक की जेल और भारी जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है. यह कोई मामूली रेस्टोरेंट नहीं है बल्कि दो मिशेलिन स्टार वाला रेस्टोरेंट है. हैरानी की बात यह है कि मामला सिर्फ खाने में कीड़े होने का नहीं है. असली विवाद साउथ कोरिया में खाने से जुड़े कानूनों को लेकर है, जहां यह तय है कि कौन-से कीड़े इंसानों को खाने के लिए परोसे जा सकते हैं और कौन-से नहीं.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार साउथ कोरिया में आम तौर पर कानूनी मामलों में आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जाते. इसलिए सरकारी वकीलों ने न तो रेस्टोरेंट का नाम बताया और न ही उसके मालिक का. अधिकारियों के मुताबिक, यह रेस्टोरेंट साल 2021 से अमेरिका और थाईलैंड से मंगाई गई सूखी चींटियों का इस्तेमाल कर रहा था. सरकारी वकीलों का आरोप है कि पिछले चार साल में इस रेस्टोरेंट ने करीब 12,200 शरबत डिश परोसने के दौरान लगभग 49,000 चींटियों का इस्तेमाल किया.

हालांकि शरबत बनाने और उसे मेन्यू में शामिल करने का काम शेफ ने किया था, लेकिन फूड सैनिटेशन एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि वही शेफ रेस्टोरेंट का मालिक भी है या नहीं.

कीड़े खाने को लेकर साउथ कोरिया में नियम

सरकार का कहना है कि समस्या सिर्फ चींटियां परोसने की नहीं थी. रिपोर्ट के अनुसार जांच में पता चला कि इस रेस्टोरेंट में इस्तेमाल की गई चींटियों में भारी धातुओं (हेवी मेटल) की मात्रा, दूसरे खाने योग्य कीड़ों के लिए तय अधिकतम सीमा से 55 गुना तक ज्यादा थी. सरकारी वकीलों ने अदालत से रेस्टोरेंट पर 2 करोड़ वॉन (13 लाख रुपए से ज्यादा) का जुर्माना लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि रेस्टोरेंट ने पिछले चार साल में इस डिश से करीब 12 करोड़ वॉन का मुनाफा कमाया.

रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में अदालत अपना फैसला सितंबर में सुनाएगी.

दरअसल दुनियाभर के कई एक्सपर्ट मानते हैं कि कीड़े भी दूसरे जानवरों की तरह प्रोटीन का अच्छा सोर्स हो सकते हैं. इन्हें कम संसाधनों में आसानी से पाला जा सकता है, इसलिए इन्हें जलवायु परिवर्तन से निपटने का एक बेहतर विकल्प भी माना जाता है. वैसे साउथ कोरिया में कीड़े खाना कोई नई बात नहीं है. वहां ब्योंडेगी नाम का पारंपरिक स्नैक भाप में पके रेशम के कीड़ों के प्यूपा से बनाया जाता है. यह डिश यहां कि सड़कों के किनारे भी खूब बिकती है. लेकिन देश के फूड सैनिटेशन एक्ट के तहत सिर्फ 10 तरह के कीड़ों, जैसे टिड्डे और रेशम के कीड़े, को ही खाने की अनुमति है. अगर कोई रेस्टोरेंट चींटियों जैसे किसी दूसरे कीड़े को परोसना चाहता है, तो उसे पहले सरकार से विशेष मंजूरी लेनी पड़ती है.

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