Bangladesh Changes India's calculation: रविवार को ऑस्ट्रेलिया जमीं पर वह हुआ, जिसने मेजबान टीम को ऐसा 440 वोल्ट का झटका दिया, जिससे उसे और उसके चाहने वाले कब उबरेंगे, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को पहली बार अपनी जमीं पर बांग्लादेश के हाथों 9 विकेट से शर्मनाक हार का दंश झेलना पड़ा. बांग्लादेश ने कंगारुओं की धरती पर पहली टेस्ट जीत दर्ज कर अपने इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ दिया, लेकिन इस जीत ने श्रीलंका में अपने WTC Final के रास्ते को सुगम बनाने में जुटी टीम इंडिया की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं. और अब यहां से टीम गिल के लिए सिर्फ और सिर्फ जीत से ही काम नहीं चलेगा, बल्कि गंभीर एंड कंपनी को इससे ऊपर की प्लानिंग करनी होगी. चलिए पूरा गणित और तस्वीर डिटेल से समझिए.
🚨 ONE OF THE GREATEST MOMENTS IN CRICKET HISTORY 🤯🇧🇩
— SAHIL NAGPAL (@Pavilionpulse) August 16, 2026
BANGLADESH HAVE DONE THE UNTHINKABLE! 🔥
🇧🇩 Bangladesh have defeated Australia IN AUSTRALIA in a Test match for the FIRST TIME EVER! 🫡
HISTORY HAS BEEN MADE. 🥶#BANvsAUS #AUSvsBAN #SLvsIND#Testcricket…
बांग्लादेश की जीत का असर समझें
कंगारुओं को पीटने से पहले बांग्लादेश के 28 प्वाइंट्स और उसका प्वाइंट्स प्रतिशत 58.33 था. यूं तो इतिहास रचने के बाद भी बांग्लादेश WTC टेबल में चौथे ही नंबर पर है, लेकिन नंबर-1 टीम ऑस्ट्रेलिया को मात देने के बाद अब उसके WTC टेबुल में 40 प्वाइंट्स और प्रतिशत 66.67 % पहुंच गया है. वहीं, नंबर पांच पर काबिज टीम गिल का प्वाइंट प्रतिशत 58.33 ही है. और दोनों के बीच का करीब 8 प्रतिशत का अंतर ने ही अब यहां से गिल एंड कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

बांग्लादेश की जीत का भारत के WTC फाइनल पर असर?
इस ऐतिहासिक हार से ऑस्ट्रेलिया भले ही 77.78% के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उनका पॉइंट्स परसेंटेज (PCT) गिर गया है. इससे टॉप-2 की रेस थोड़ी और खुली हो गई है, लेकिन बांग्लादेश की स्थिति और मजबूत हो गई है. वहीं, बांग्लादेश की जीत ने भारत पर अप्रत्यक्ष मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया है, जो दोनों के बीच करीब 8 प्वाइंट्स प्रतिशत के आने से सहज समझा जा सकता है. और श्रीलंका के छठे स्थान (41.67%) पर करीब होने से भारत के लिए मध्य क्रम की यह लड़ाई काफी मुश्किल हो गई है.
फाइनल के आसार मजबूत रखने के लिए श्रीलंका के खिलाफ क्या करना होगा?
जाहिर है कि अब यहां से भारत और बांग्लादेश के बीच पैदा हुए करीब 8 प्वाइंट्स प्रतिशत को पाटने के लिए टीम गिल को तुलनात्मक रूप से और बेहतर करना होगा. अब यहां से भारत को बांग्लादेश को पछाड़ने के लिए श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट जीतने ही नहीं होंगे, बल्कि और ज्यादा अंतर से जीतने होंगे. फिर चाहे बात जीत विकेट से जीत तर्ज करने की हो या फिर रनों के अंतर से जीत की. अगर भारत श्रीलंका के खिलाफ सीरीज जीतता है, तो उसका अंक प्रतिशत सुधरकर बेहतर स्थिति (लगभग 53.33% या उससे अधिक) आ जाएगा. ऐसे में प्वांट्स प्रतिशत और बेहतर करने के लिए यह अनिवार्य है कि टीम गिल मेजबानों को ज्यादा से ज्यादा अंतर से मात दे.

(ध्रुव जुरेल ने अर्द्धशतक के साथ ही लंबे ब्रेक के बाद फॉर्म हासिल कर ली. और यह अच्छा पॉजिटिव है. (स्रोस: सोशल मीडिया)
ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत कमजोर, भारत के लिए मौका!!
वैसे दूसरा पहलू यह है कि ऑस्ट्रेलिया टीम की हार ने WTC Final की रेस को खोल दिया है. इस हार से टेबल के बॉस कंगारुओं का जीत प्रतिशत 87.50 % से गिरकर 77.77 प्रतिशत रह गया है. यदि ऑस्ट्रेलिया आने वाले मैचों में और अंक गंवाता है, तो भारत, साउथ अफ्रीका (75.00%) और न्यूजीलैंड (72.22%) जैसी टीमों के लिए शीर्ष दो स्थानों में जगह बनाने का मौका बढ़ जाएगा, लेकिन फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की हार को सिर्फ अपवाद ही माना जा सकता है. ऐसा नहीं है कि कंगारू हर दूसरा मैच गंवाने जा रहे हैं. ऐसे में भारतीय फैंस कोई गलतफहमी न पालें या नकारात्मक सोच न रखें. पॉजिटिव बात यही है कि भारत श्रीलंका के खिलाफ जीत ही नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा अंतर से जीत हासिल करे, तभी उसका WTC Final का रास्ता सुगम बनने की शुरुआत होगी क्योंकि आगे अभी उसे और बड़ी लड़ाई लड़नी हैं. इसमें न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं.
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