उत्तर कोरिया (North Korea) ने बुधवार सुबह अपने पूर्वी तट से जापान सागर (ईस्ट सी) की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया (South Korea) अगले सप्ताह से 11 दिनों तक चलने वाले बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास "उल्ची फ्रीडम शील्ड" की तैयारी कर रहे हैं. सियोल की सेना के अनुसार मिसाइल वॉनसान क्षेत्र से लॉन्च की गई. उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ आक्रमण की तैयारी बताता रहा है और ऐसे आयोजनों से पहले या बाद में मिसाइल परीक्षण करता रहा है. इस घटनाक्रम पर जापान ने भी निगरानी बढ़ा दी है.
सैन्य अभ्यास से पहले मिसाइल परीक्षण
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे उत्तर कोरिया ने वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया. सैन्य अधिकारियों ने कहा कि लॉन्च के तुरंत बाद उसकी निगरानी की गई और संबंधित देशों के साथ जानकारी साझा की गई. जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस वस्तु को संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल बताया. मंत्रालय के अनुसार मिसाइल के पहले ही समुद्र में गिर जाने की आशंका है. हालांकि, जापानी अधिकारियों ने इसकी दूरी या अन्य तकनीकी विवरण साझा नहीं किए.
Instruction by the Prime Minister in Response to the Suspected Ballistic Missile Launch by North Korea (06:03) pic.twitter.com/Fh5yHpZeRu
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) August 11, 2026
अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यास पर नजर
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास "उल्ची फ्रीडम शील्ड" सोमवार से शुरू होने वाला है. 11 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया के लगभग 18 हजार सैनिक और दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना के 28,500 जवान हिस्सा लेंगे.
उत्तर कोरिया मामलों के विशेषज्ञ लिम एउल-चुल ने कहा, "उत्तर कोरिया ने कभी भी दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को बिना जवाब दिए नहीं जाने दिया है." उन्होंने कहा, "यह एक संदेश है कि प्योंगयांग आगामी सैन्य अभ्यासों पर करीबी नजर रखे हुए है और यदि उसे आवश्यक लगा तो वह कोई उकसावे वाली कार्रवाई कर सकता है."
जापान पर भी साध रहा निशाना
हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने जापान की बढ़ती सैन्य तैयारियों की भी आलोचना की है. जापान रक्षा खर्च बढ़ाने, नए रक्षा समझौते करने और दूरस्थ द्वीपों पर मिसाइल प्रणालियां तैनात करने की दिशा में कदम उठा रहा है. पिछले सप्ताह जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने कहा था, "जापान की सेना को तत्कालता और संकट की भावना के साथ मजबूत किए जाने की जरूरत है." इसके बाद प्योंगयांग ने जापान के "युद्धकारी राष्ट्र में परिवर्तन" की आलोचना की थी.
रूस-यूक्रेन युद्ध में भी बढ़ी भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण भी वैश्विक सुरक्षा चर्चाओं के केंद्र में है. यूक्रेन ने हाल ही में आरोप लगाया कि रूस ने एक हमले में उत्तर कोरियाई मिसाइलों का इस्तेमाल किया. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि मॉस्को को प्योंगयांग से अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइलें और सैनिक मिल रहे हैं. इसी बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरियाई सैनिक आधुनिक युद्ध का अनुभव लेकर लौटे हैं. संयुक्त बल कमान के प्रवक्ता कर्नल रयान डोनाल्ड ने कहा, "उन्होंने वहां सीखे गए सबक को उत्तर कोरिया वापस ले जाकर लागू किया है." उन्होंने कहा, "हमारा प्रशिक्षण उस खतरे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है."
यह भी पढ़ें : उत्तर कोरिया ने फिर समंदर में दागी मिसाइल, साल का यह 8वां परीक्षण- क्या परमाणु ताकत दिखाने की कोशिश?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं