देश में मार्शल लॉ की घोषणा के छह घंटे के भीतर, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल ने कहा कि वह इसे वापस ले लेंगे. राष्ट्रपति यून ने सुबह 4:30 बजे (स्थानीय समय) राष्ट्र के नाम विशेष संबोधन में कहा, "अभी एक क्षण पहले, नेशनल असेंबली से आपातकाल की स्थिति को हटाने की मांग की गई थी, और हमने मार्शल लॉ अभियानों के लिए तैनात सेना को वापस बुला लिया है. हम नेशनल असेंबली के अनुरोध को स्वीकार करेंगे और कैबिनेट की बैठक के माध्यम से मार्शल लॉ हटा लेंगे."
क्यों पलटा फैसला
दक्षिण कोरिया के सांसदों ने राष्ट्रपति के फैसले की निंदा करने के लिए नेशनल असेंबली के आधी रात के सत्र में मार्शल लॉ लगाने के खिलाफ सर्वसम्मति से मतदान किया था. राष्ट्रपति तब वोट का सम्मान करने के लिए सहमत हुए, जैसा कि सेना प्रमुख ने किया था. राष्ट्रपति द्वारा आदेश वापस लेने और राष्ट्र को संबोधित करने के कुछ ही समय बाद, दक्षिण कोरियाई कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर उठाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए सुबह 5 बजे (स्थानीय समय) बैठक बुलाई, जो इतिहास में सबसे कम मार्शल लॉ में से एक बन गया.
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1980 के बाद पहली बार
राष्ट्रीय आपातकाल और मार्शल लॉ के लिए राष्ट्रपति यून के फैसले का सांसदों ने जोरदार विरोध किया. इस फैसले के तहत राजनीतिक गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया गया था और मीडिया को सेंसर कर दिया गया था. अपने कदम के बारे में बताते हुए, राष्ट्रपति यून ने कहा था कि यह निर्णय "राज्य विरोधी ताकतों" को कुचलने के लिए लिया गया था. करीब पांच दशकों में यह पहली बार दक्षिण कोरिया ने मार्शल लॉ लगाया था. इससे पहले 1980 में ऐसा हुआ था.
दुनिया भी रह गई हैरान
फैसले के बाद राजनेता और प्रदर्शनकारी नेशनल असेंबली (संसद) के बाहर इकट्ठा हुए थे और उस समय लागू मार्शल लॉ की अवहेलना में नारे लगा रहे थे. सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. देश की मुद्रा में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, राष्ट्रपति यून के संसद में मतदान के लिए सहमत होने के बाद स्थिति में सुधार हुआ और कहा कि वह जल्द ही वापसी की घोषणा करेंगे. दक्षिण कोरिया एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और संयुक्त राज्य अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी है. यह चार दशकों से अधिक समय से लोकतंत्र भी रहा है. इसलिए मार्शल लॉ लागू करने के कदम ने अंतरराष्ट्रीय अलार्म पैदा कर दिया था.
राष्ट्रपति यून हो गए थे अलोकप्रिय
दक्षिण कोरिया अपने उत्तरी परमाणु सशस्त्र पड़ोसी उत्तर कोरिया से लगातार खतरे में है. हालांकि राष्ट्रपति यून ने किम जोंग-उन से किसी विशेष खतरे का उल्लेख मार्शल लॉ लगाने के लिए नहीं किया था. इस साल अप्रैल में हुए आम चुनाव में अपनी पार्टी पीपुल्स पावर पार्टी की करारी हार के बाद राष्ट्रपति यून घरेलू राजनीति में दबाव में हैं. इस परिणाम से विपक्ष को संसद में दो तिहाई से अधिक बहुमत मिल गया. राष्ट्रपति यून भी हाल के दिनों में अलोकप्रिय रहे हैं, उनकी राष्ट्रीय रेटिंग केवल 20 प्रतिशत के आसपास गिर गई है.
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