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सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मातार आतंकवाद के आरोपों में दोषी करार, उम्रकैद तक की सजा संभव

2022 में दुनिया को झकझोर देने वाले सलमान रुश्दी हमले के मामले में बड़ा फैसला आया है. अमेरिकी फेडरल जूरी ने हमलावर हादी मातार को आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया है.

सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मातार आतंकवाद के आरोपों में दोषी करार, उम्रकैद तक की सजा संभव
सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मातार आतंकवाद के आरोपों में दोषी
न्यूयॉर्क:

प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर वर्ष 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अमेरिका की एक फेडरल जूरी ने बड़ा फैसला सुनाया है. 28 वर्षीय हादी मातार को आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया गया है. अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मातार ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सलमान रुश्दी पर चाकू से हमला किया था, जिसमें लेखक गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी. अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी ने लंबे समय तक हमले की योजना बनाई थी और वह ईरान समर्थित उग्रवादी विचारधारा से प्रभावित था. मामले में अब उसे उम्रकैद तक की अतिरिक्त सजा हो सकती है.

2022 में मंच पर हुआ था हमला

यह घटना अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क राज्य के मेविल स्थित चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में हुई थी. उस समय सलमान रुश्दी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. अभियोजन पक्ष के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान हादी मातार अचानक मंच पर पहुंचा और छह इंच लंबे ब्लेड से रुश्दी पर कई बार हमला कर दिया. इस हमले में रुश्दी गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई.

आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषी

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक संघीय जूरी ने हादी मातार को “आतंकवाद की कार्रवाई में शामिल होने” का दोषी पाया है. अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डिजियाकोमो ने कहा कि आरोपी ने ईरान के नेताओं की कट्टरपंथी विचारधारा के साथ खुद को जोड़ा और कई महीनों तक इस हमले की तैयारी की. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण कार्यक्रम में किया गया यह हमला ईरान समर्थित आतंकवाद की वैश्विक पहुंच की याद दिलाता है.

हिजबुल्लाह का समर्थन करने का भी दोषी

जांच एजेंसियों ने दावा किया कि मातार के घर से लेबनान के ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह से संबंधित सामग्री बरामद हुई थी. इसी आधार पर जूरी ने उसे हिजबुल्लाह को समर्थन देने के आरोप में भी दोषी ठहराया है.

फतवे से जुड़ा है मामला

अभियोजकों के अनुसार, हादी मातार ने उस फतवे का अनुसरण किया था जो 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी ने सलमान रुश्दी के खिलाफ जारी किया था. रुश्दी की पुस्तक द सैटेनिक वर्सेज को लेकर विवाद हुआ था और इसी के बाद उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि बाद के वर्षों में भी इस फतवे को विभिन्न कट्टरपंथी नेताओं द्वारा समर्थन मिलता रहा.

पहले ही मिल चुकी है 25 साल की सजा

हादी मातार को न्यूयॉर्क की राज्य अदालत पहले ही हत्या के प्रयास के मामले में दोषी ठहरा चुकी है. उस मामले में उसे 25 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी. अब फेडरल कोर्ट में आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दोषसिद्धि के बाद उसे अतिरिक्त रूप से उम्रकैद तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है. मामले में सजा सुनाने की अगली तारीख 3 नवंबर तय की गई है.

रुश्दी ने हिंसा पर जताई थी चिंता

हमले के बाद सलमान रुश्दी कई बार सार्वजनिक रूप से कट्टरपंथ और हिंसा पर चिंता जता चुके हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि संस्कृति, पत्रकारिता, विश्वविद्यालय और लेखन जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है और हिंसा का इस्तेमाल विचारों को दबाने के लिए किया जा रहा है.

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