- जबलपुर से भोपाल के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने का रास्ता अब साफ हो गया है.
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जिससे निर्माण में तेजी आएगी.
- इस एक्सप्रेसवे के बनने से जबलपुर से भोपाल के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
जबलपुर से राजधानी भोपाल का सफर अब महज 3 घंटे में पूरा हो जाएगा. दोनों शहरों के बीच बनने वाले जबलपुर भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल गई है. राज्य सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर नितिन गडकरी ने मुहर लगा दी है. यह हाईवे पहले से हैं लेकिन इसका पुनर्निर्माण किया जाना है. जिस पर नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है. करीब 15000 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह हाईवे एमपी के जबलपुर शहर को राजधानी भोपाल के बीच की दूरी को घटा देगा. दोनों शहरों के बीच 320 किलोमीटर की दूरी घटकर 255 किलोमीटर रह जाएगी. इस हाईवे के बनने के बाद महाकौशल के छोटे शहरों को भी भोपाल से कनेक्टिविटी मिलेगी. अब इसके निर्माण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है.
जबलपुर से भोपाल के बीच 4-लेन हाईवे
जबलपुर से भोपाल के बीच फिलहाल 2 लेन मार्ग हैं. जिसका रूट शहरों के बीच से गुजरता है. ऐसे में ट्रैफिक दबाव ज्यादा होने की वजह से 5.5 से लेकर 6 घंटे तक समय लग जाता है. खराब ट्रैफिक और घुमावदार रास्तों के बीच से जाने में बहुत समय लग जाता है. राज्य सरकार ने इसके पुर्निनिर्माण की योजना बनाई थी. जिसके तहत जबलपुर से भोपाल के बीच 4 लेन एक्सेस-कंट्रोल हाईवे बनाया जाना है. इसे शहरों से अलग रूट से निकाला जाएगा. ऐसे में 320 किलोमीटर की दूरी 255 किलोमीटर रह जाएगी, जिसमें यानि करीब 70 किलोमीटर की दूरी कम होगी. ऐसे में जबलपुर से भोपाल जाने में 3 घंटे का समय ही लगेगा. क्योंकि नए हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर के बीच होगी.
नितिन गडकरी ने दी मंजूरी
इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है. जबलपुर से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इसके लिए नितिन गडकरी का आभार जताया है. क्योंकि भोपाल और जबलपुर के बीच की दूरी इससे बेहद कम हो जाएगी. अगर कोई व्यक्ति सुबह जबलपुर से भोपाल निकलता है तो वह सुबह से शाम के बीच अपना 2 से 3 घंटे का काम निपटाकर वापस भी आ सकता है. माना जा रहा है कि दिसंबर 2026 से इसका काम शुरू हो सकता है. क्योंकि इसे उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 आयोजन से पहले तैयार करने की योजना है.
— Vivek Tankha (@VTankha) September 28, 2026
जबलपुर भोपाल हाईवे से कनेक्ट होंगे बड़े शहर
- जबलपुर
- दमोह
- गढ़ाकोटा
- सागर
- रायसेन
- भोपाल
ग्रामीण इलाका भी होगा कनेक्ट
जबलपुर से आगे इसका विस्तार मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा तक होना है. फिलहाल इसके शुरुआती रूट पर काम किया जाएगा. इस हाईवे से पिछड़े और ग्रामीण इलाकों की भी कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी. जमीनों के दाम में सुधार होगा. वर्तमान में इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है.
यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को नहीं जोड़ेगा. इसकी इंटरचेंज कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी. यह ग्वालियर-लखनादौन एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज करेगा. इसके अलावा रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच जो कॉरिडोर तैयार हो रहा है. उसे भी सीधा जोड़ देगा. जिससे भोपाल से रायपुर का सफर 15 घंटे से घटकर मात्र 7 घंटे रह जाएगा.
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