जोहांसबर्ग:
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने देश में निवास करने वाले भारतीयों को आश्वासन दिया है कि देश के रोजगार नियमों में प्रस्तावित परिवर्तनों के बाद भी उनकी नौकरियां कायम रहेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में जूमा ने भारतीय समुदाय के सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार ऐसा कोई विधेयक नहीं पारित करेगी, जो नस्लवाद को प्रेरित करे। जूमा की यह प्रतिक्रिया मंत्रिमंडल के प्रवक्ता जिमी मान्यी के विवादास्पद बयान के बाद आई है। मान्यी ने कहा था कि क्वाजुलु-नताल और पश्चिमी केप प्रांत में भारतीय श्रमिकों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है। इस वक्तव्य के बाद भारतीयों के बीच इस बात को लेकर चिंता पैदा हो गई थी कि शायद अब उन्हें इन प्रांतों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ सकता है। ये प्रांत दशकों से भारतीयों के गृह क्षेत्र रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय सबसे पहले, 1860 में इन्हीं प्रांतों में पहुंचे थे। जूमा ने कहा कि उन्होंने श्रम मंत्री मिल्ड्रेड ओलिफेंट से भी इस बारे में बात की। राष्ट्रपति ने कहा, ये परिवर्तन किसी भी तरह से भारतीय समुदाय के रोजगार के मौकों को नकारात्मक तौर पर प्रभावित नहीं करेंगे।
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