विज्ञापन

'जो भी हिंदू ऐसा सोचता है...', अमेरिका में मुसलमानों से जुड़े सवाल पर क्या बोले RSS चीफ मोहन भागवत

मोहन भागवत ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, "मेरा एक लेक्चर था, वहा मुस्लिम भाई भी मौजूद थे. उन्होंने मुझसे एक सवाल पूछा- 'आप एक हिंदू संगठन हैं, आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, तो हम मुसलमानों का क्या होगा?'

'जो भी हिंदू ऐसा सोचता है...', अमेरिका में मुसलमानों से जुड़े सवाल पर क्या बोले RSS चीफ मोहन भागवत
अमेरिकी दौरे पर हैं मोहन भागवत (Photo: PTI)
  • मुसलमानों से जुड़े सवाल पर RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा- 'हिंदुत्व बाहर निकालना' नहीं है.
  • मुसलमानों पर हुए सवाल के बाद मोहन भागवत ने एक प्लेन हादसे का जिक्र किया.
  • मोहन भागवत ने कहा- हम सेवा का प्रचार नहीं करते.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत अमेरिकी दौरे पर हैं. शनिवार को न्यूयॉर्क में अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच हुई बातचीत में प्रमुख मोहन भागवत ने धार्मिक सद्भाव पर जोर दिया. भागवत ने कहा कि अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं तो आपको ये मानना होगा कि सभी मार्ग एक ही लक्ष्य की ओर ले जाते हैं. हर मनुष्य का अपना सम्मान है और मनुष्यों में कोई भेद नहीं है. उन्होंने संगठन की हिंदू-राष्ट्रवादी सोच के संदर्भ में बार-बार पूछे जाने वाले सवाल - 'मुसलमानों का क्या?'  पर सीधे जवाब दिया. RSS चीफ ने कहा, "अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना ​​होगा कि सभी रास्ते एक ही मंजिल तक ले जाते हैं. हर इंसान की अपनी गरिमा होती है. इंसानों के बीच कोई फर्क नहीं होता."

इसके बाद उन्होंने एक घटना का जिक्र किया. "मेरा एक लेक्चर था, जिसमें मुस्लिम भाई भी मौजूद थे. उन्होंने मुझसे एक सवाल पूछा: 'आप एक हिंदू संगठन हैं, आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, तो हम मुसलमानों का क्या होगा? क्या आप हमें बाहर निकाल देंगे?' मैंने कहा, 'नहीं, हिंदुत्व यह नहीं है.'"

मोहन भागवत ने आगे कहा, "अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं हो सकता है."

आरएसएस चीफ ने भारत के हरियाणा का एक और उदाहरण दिया- "हमारे स्वयंसेवक (RSS वॉलंटियर) हर जगह, बिना किसी भेदभाव के सेवा करते हैं. हरियाणा में दादरी नाम की जगह के ऊपर दो विमान आपस में टकरा गए थे. ज्यादातर यात्री मुसलमान थे. हमारे स्वयंसेवक सबसे पहले वहां पहुंचे और उन्होंने सेवा की. घायलों का इलाज किया. घायल बहुत कम थे, बाकी सभी की मौत हो चुकी थी. शवों को निकाला, अंतिम संस्कार का इंतजाम किया. RSS के स्वयंसेवकों ने उस वक्त नहीं सोचा कि 'ये मुसलमान हैं.'"

उन्होंने आगे कहा, "वहां मुख्य रूप से RSS काम कर रही थी. हम ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि हम सियासत में नहीं थें. और हम इन कामों का प्रचार-प्रसार नहीं करते क्योंकि हमें इसके बदले में कुछ नहीं चाहिए. हम सिर्फ देते हैं, हमें कुछ नहीं चाहिए."

ये भी पढ़ें: मानवता, एकता, विविधता और स्थायी सुख... अमेरिका में RSS प्रमुख मोहन भागवत के ऐतिहासिक संबोधन की प्रमुख बातें

किस हादसे का जिक्र कर रहे मोहन भागवत?

मोहन भागवत साल 1996 में हुए विमानन इतिहास के सबसे घातक हवाई हादसे का जिक्र रहे थे. इस दौरान, हवा में विमानों की टक्कर हो गई थी. इस दौरान सभी 349 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी. इस हादसे में सऊदी अरब एयरलाइंस की फ्लाइट 763 (बोइंग 747) और कजाकिस्तान एयरलाइंस की फ्लाइट 1907 (इल्यूशिन Il-76) शामिल थीं. कहा जाता है कि भाषा की समस्या की वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ गलत बातचीत की वजह से ये दोनों विमान आपस में टकरा गए थे.

मोहन भागवत अभी अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां उनका कई कार्यक्रम अभी शेड्यूल्ड है. उन्हें न्यूयॉर्क के पहले भारतीय-अमेरिकी और मुस्लिम मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना का सामना करना पड़ा है. ममदानी ने RSS को एक सांप्रदायिक संगठन बताते हुए कहा कि यह भारत की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी का वैचारिक आधार है.

ये भी पढ़ें: 'मातृभूमि के प्रति कर्तव्य न भूलें...', न्यूयॉर्क में मोहन भागवत की प्रवासी भारतीयों से खास अपील

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mohan Bhagwat, RSS, New York, America, Indian Muslim
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com