- भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने अटलांटा में क्वाड की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक की
- बैठक में सप्लाई चेन, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सहयोग और अगली पीढ़ी की तकनीकों पर प्रगति की समीक्षा हुई
- अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बैठक को क्वाड के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को अटलांटा में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सप्लाई चेन बनाने, महत्वपूर्ण खनिजों, समुद्री सहयोग और अगली पीढ़ी की तकनीकों के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की. यह इस साल क्वाड की ये तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक थी. G20 विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर आयोजित इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की. इसमें भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए.
रूबियो ने बताई पूरी बात
बातचीत के बाद 'X' पर एक पोस्ट में रुबियो ने कहा, "अटलांटा में अपने क्वाड समकक्षों से मिलकर मुझे खुशी हुई. हमने इस बात पर चर्चा की कि कैसे हमने अपनी साझा प्राथमिकताओं को हिंद-प्रशांत क्षेत्र (इंडो-पैसिफिक) के लिए वास्तविक लाभों में बदला है. हमारे देश भरोसेमंद और खुली सप्लाई चेन बनाने, अगली पीढ़ी की तकनीकों को समर्थन देने, समुद्री सहयोग बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं. इस तरह, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान अपने लोगों और इस क्षेत्र के अन्य देशों के लिए ठोस परिणाम दे रहे हैं."
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar attends the Quad Foreign Ministers' Meeting hosted by US Secretary of State Marco Rubio in Atlanta, United States https://t.co/8LZBBqW2kf
— ANI (@ANI) October 31, 2026
जापान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोतेगी ने इस साल तीसरी बार विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित होने का स्वागत किया. इससे पहले मई और जुलाई में भी ऐसी बैठकें हो चुकी हैं. मंत्रालय के अनुसार, मोतेगी ने कहा कि यह बैठक "व्यावहारिक सहयोग के नतीजों को दिखाने का एक सार्थक अवसर थी, खासकर आर्थिक क्षेत्र में. चारों मंत्रियों ने इस बात को दोहराया कि वे 'मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत' (FOIP) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्वाड देशों के बीच ठोस सहयोग को लगातार आगे बढ़ाएंगे."
सर्जियो गोर ने कहा-काफी काम चल रहा
अटलांटा में मौजूद, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बैठक को इस समूह के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया. बैठक से ठीक पहले पत्रकारों से बात करते हुए गोर ने कहा, "देखिए, अमेरिका के लिए 'क्वाड' (Quad) बहुत महत्वपूर्ण है. यह बहुत जरूरी है कि हम अपने साझेदारों—भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया—के साथ नियमित रूप से बातचीत करते रहें. यह इस स्तर पर, यानी मंत्री-स्तरीय स्तर पर हमारी तीसरी बैठक है, जो एक साल के भीतर होना एक बड़ी बात है. जैसा कि आप जानते हैं, हमारी पहली बैठक दिल्ली में हुई थी, दूसरी बैठक मनीला में हुई थी, और यह तीसरी बैठक यहां अटलांटा में हो रही है."
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में गोर ने लिखा: "6 महीनों में तीसरी 'क्वाड' मंत्री-स्तरीय बैठक! संयुक्त पहलों पर काफी काम चल रहा है."
इससे पहले, उन्होंने लिखा कि अटलांटा में G20 मंत्री-स्तरीय शिखर सम्मेलन "सफल रहा, जिसमें इस साल की तीसरी 'क्वाड' बैठक भी शामिल थी." उन्होंने आगे कहा कि रुबियो "एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं."
जयशंकर अब एंटीगुआ-बारबुडा जाएंगे
G20 के समापन सत्र में भी 'सप्लाई चेन' (आपूर्ति श्रृंखला) का मुद्दा छाया रहा. रुबियो ने कहा, "G20 विदेश मंत्रियों की समापन बैठक में, मैंने अपने साझेदारों को स्पष्ट कर दिया कि विकास के लिए सुरक्षित सप्लाई चेन का होना बहुत जरूरी है. होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग सुरक्षित और वाणिज्य के लिए खुले रहने चाहिए. साथ ही, अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हमें महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और विस्तारित करना जारी रखना होगा."
उम्मीद है कि क्वाड की यह बैठक, क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की नींव रखने में मदद करेगी. विदेश मंत्री जयशंकर 1 से 4 नवंबर तक होने वाली 'कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग' (राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक) में हिस्सा लेने के लिए अटलांटा से एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे.
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