पोलैंड में बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को निलंबित किए जाने के बाद, नरमपंथी सरकार और राष्ट्रवादी दक्षिणपंथी गुट के बीच तनाव चरम पर है. इसके बाद राष्ट्रपति कैरोल नवा्रोकी ने अपनी अफ्रीका यात्रा बीच में ही रद्द कर दी है और वारसॉ लौट आए हैं. वहीं पुलिस ने संवैधानिक अदालत को घेर लिया है. कोर्ट के गेट पर दर्जनों पुलिसकर्मी तैनात हैं. विपक्षी दक्षिणपंथी पार्टी 'लॉ एंड जस्टिस' (PiS) के समर्थक संवैधानिक अदालत के प्रेसिडेंट बोगदान स्विएचकोव्स्की को हटाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
अदालत के आधिकारिक 'X' (सोशल मीडिया) अकाउंट पर इसे "तख्तापलट" बताया गया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार की निंदा करते हुए "टस्क गद्दार है" के नारे लगाए.
कुछ लोगों ने सुरक्षा बैरिकेड्स को जबरन पार करने की कोशिश की. पुलिस ने बताया कि उन्होंने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अदालत परिसर में घुसने का प्रयास किया था.

अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे टोमाज जालेस्की ने AFP को बताया कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क हमारे संवैधानिक अधिकारों को कुचल रहे हैं. उनकी सरकार कई हफ्तों से अदालत के उन न्यायाधीशों को हटाने की कोशिश कर रही है, जिन्हें पिछली PiS सरकार (जिसने 2015 से 2023 तक शासन किया था) ने नियुक्त किया था.
उसने कहा कि ये अदालत अक्सर EU (यूरोपीय संघ) के कानूनों के बजाय पोलैंड के कानूनों के पक्ष में फैसले सुनाती थी. यूरोपीय संघ ने पोलैंड की सर्वोच्च अदालत पर आरोप लगाया था कि वह उस समय की राष्ट्रवादी राजनीतिक सत्ता के बहुत करीब थी.
2023 में चुनाव जीतने के बाद, यूरोपीय संघ के प्रबल समर्थक टस्क ने ब्रुसेल्स के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन दक्षिणपंथी और निर्दलीय नेता, देश के राष्ट्रपति ने अदालत में उनके द्वारा नामित लोगों की नियुक्ति को रोक दिया था.
PiS (पीआईएस) पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री जारोस्लाव काज़िन्स्की ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और नवरोकी से कदम उठाने को कहा. राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने सेनेगल की अपनी आधिकारिक यात्रा को बीच रास्ते से ही रद्द कर दिया और विमान को वापस वारसॉ बुला लिया है.
एक अन्य न्यायाधीश, अन्ना कोरविन-पियोट्रोव्स्का ने श्विएचकोव्स्की को निलंबित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि कानून के शासन (rule of law) को बहाल करने के लिए ऐसा करना जरूरी था.
न्याय मंत्री वाल्डेमार ज़ुरेक, जो अटॉर्नी जनरल भी हैं, उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने श्विएचकोव्स्की और उनके डिप्टी बार्टलोमी सोचान्स्की को प्राप्त कानूनी छूट (legal immunity) को हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा, "यह अदालत अब एक निजी संपत्ति बन गई है; हमें इसके कामकाज को फिर से सही ढंग से बहाल करना होगा."
टस्क ने 'X' (ट्विटर) पर एक टिप्पणी में इस कदम का समर्थन किया. उन्होंने कहा, "कानून के शासन को बहाल करना हमारा कर्तव्य है. PiS के नेतृत्व में सालों तक चले अराजकता के दौर के बाद, ये एक कठिन और कभी-कभी कष्टदायक प्रक्रिया है, जिसके लिए कड़े और निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है. इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है."
शुक्रवार शाम को संवैधानिक अदालत की आधिकारिक वेबसाइट नहीं खुल रही थी. अदालत के 'X' अकाउंट पर दावा किया गया कि यह एक "तख्तापलट" (coup d'etat) है और श्विएचकोव्स्की अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं.
इसमें यह भी कहा गया कि कोरविन-पियोट्रोव्स्का अंतरिम मुख्य न्यायाधीश नहीं बन सकतीं, क्योंकि राष्ट्रपति ने उन्हें पद की शपथ नहीं दिलाई है. इस उलझन के बीच, कोरविन-पियोट्रोव्स्का ने कहा, "आधुनिक यूरोप में, कोई भी लोकतांत्रिक देश एक संवैधानिक न्यायालय के बिना काम नहीं कर सकता. जो नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की गारंटी देने का काम करता है."
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