- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में नक्सलवाद से लड़ाई में मिली सफलता का उल्लेख किया
- पीएम मोदी ने हथियारबंद नक्सलियों के बाद अब मानसिक रूप से नक्सली सोच से भी मुक्त होने की बात कही
- उन्होंने युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत पर बल देते हुए उनका सही मार्गदर्शन आवश्यक बताया
पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में लाल किले से नक्सलवाद की बात की. उन्होंने कहा कि जंगलों में नक्सलवाद से हमने मु्क्ति पा ली है, लेकिन नक्सली दिमाग से भी मुक्त पानी होगी. उन्होंने कहा कि हमें नक्सली दिमाग वाले लोगों को पहचानना होगा और उन्हें अलग-थलग करना होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हथियारी नक्सल से मुक्ति मिल गई है, लेकिन अब दिमागी नक्सल को अलग-थलग करना है. प्रधानमंत्री ने लाल किले से यह भी अपील की है कि ऐसे लोग अवसर की तलाश में हैं. हमें युवाओं को विकसित भारत की मुख्यधारा से जोड़ना होगा ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें.
अब कांग्रेस ने 'नक्सली दिमाग' जैसा शब्द इस्तेमाल किए जाने पर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि उनकी हताशा है. जयराम रमेशा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले अपने विरोधियों को ‘शहरी नक्सल' कहा और अब उन्हें ‘दिमागी नक्सल' कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनकी हताशा का ‘स्पष्ट संकेत' है. रमेश ने दावा किया कि जिन लोगों को प्रधानमंत्री ‘शहरी नक्सल' या अब ‘दिमागी नक्सल' बता रहे हैं, उनकी ओर से उठाई गई मांगों या विचारों को सरकार बाद में स्वीकार करती रही है.
जयराम रमेश ने कहा कि जब जाति जनगणना की बात उठाई गई तो इन लोगों ने उन्हें अर्बन नक्सल कहा. फिर उन लोगों के ही सुझाव को इस सरकार ने मान लिया. इसके अलावा इसी सरकार ने पेपर लीक आंदोलन पर टिप्पणियां कीं और अंत में उनकी बात को मान लिया. इस तरह यह सरकार अपनी ही कही बातों से पलट जाती है. बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण में इस बार युवाओं पर खासा फोकस रहा है. उन्होंने एक तरफ युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही तो वहीं उन्हें नक्सली विचारधारा वाले लोगों से बचाने वाली बात भी की.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं