- ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली पाकिस्तानी मूल की हानिया अहमद अपने परिवार के साथ पाकिस्तान आई थी
- यहां परिवार के साथ लूटपाट की घटना हुई, परिवार ने खुद पुलिस बुलाई और पुलिस ने उन्हीं पर गोलियां बरसा दीं
- पुलिस की गोली से 9 साल की हानिया की मौत हो गई, उसके पिता और भाई भी गंभीर रूप से घायल हैं
ऑस्ट्रेलिया से छुट्टियां मनाने पाकिस्तान आई 9 साल की बच्ची वापस नहीं लौट सकी. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली पाकिस्तानी मूल की हानिया अहमद अपने परिवार के साथ पाकिस्तान आई थी. लेकिन एक लूटपाट की घटना के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में उसकी मौत हो गई. यानी बच्ची उस पुलिस की गोली से ही मर गई जो उसे बचाने आई थी. इस मामले के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पाकिस्तान से मामले की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है. चलिए आपको पूरा मामला बताते हैं.
पाकिस्तान में क्या हुआ?
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार घटना 10 जून की है और यह लाहौर से करीब 300 किलोमीटर दूर चकवाल जिले में हुई. पाकिस्तानी मूल के इस ऑस्ट्रेलियाई परिवार में अदील अहमद (39 साल), उनकी पत्नी डॉ. सिदरा खान, बेटी हानिया और 10 साल का बेटा आफान शामिल थे. परिवार पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हज यात्रा पूरी करने के बाद पाकिस्तान आया था. इस रात यह परिवार रेंट पर ली गई कार से अदील के ससुर के घर रात के खाने के लिए जा रहा था. तभी मोटरसाइकिल पर आए दो हथियारबंद लुटेरों ने उन्हें रोक लिया.
इस गोलीबारी में हानिया, उसके पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हानिया को मृत घोषित कर दिया. पंजाब पुलिस का कहना है कि सबसे पहले संदिग्धों ने पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई थी. जिस पुलिसकर्मी ने गोली चलाई, उसे हत्या के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है. अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी औपचारिक जांच चल रही है. हानिया के पिता ने एसबीएस उर्दू से बातचीत में दावा किया कि सबसे पहले पुलिस ने गोली चलाई थी.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में परिवार के कार पर गोलियों के कई निशान दिखाई दे रहे हैं.
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