मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक धार भोजशाला परिसर से जुड़े बेहद संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक महकमा पूरी तरह हरकत में आ गया है. अदालत के निर्देशों के मुताबिक शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करवाने के लिए जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच भोजशाला की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 यानी मालीवाड़ा की जमीन पर सहमति बन गई है. हालांकि, इस फैसले की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है. अपनी निजी जमीन बताने का दावा करते हुए रहवासी सुबह से ही धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां खेती करते रहे हैं. दूसरी तरफ बारिश और जमीन पर कीचड़ के बीच प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय विरोध से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है. क्विक रिस्पांस टीम भी मौके पर तैनात है.

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास यही वो जगह है जहां नमाज अदा करने की सहमति प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच बनी है.
Photo Credit: साबिर खान
प्रशासन अलर्ट, देर रात तक बैठकों का दौर
अदालत के निर्देश के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है. देर रात 1 बजे से 2 बजे तक आला अधिकारियों की मैराथन बैठक चली, जिसमें सुरक्षा के तमाम पहलुओं पर मंथन किया गया. शुक्रवार तड़के ही तय किए गए वैकल्पिक स्थल पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई और पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हर निर्देश का पालन कराया जाएगा और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास नमाज के लिए जो जगह दी गई है उसका स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं.
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"हमारी निजी जमीन पर नमाज नहीं होने देंगे"
एक तरफ जहां प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं,वहीं दूसरी तरफ नमाज स्थल तय किए जाने से स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष फैल गया है. सुबह से ही धरने पर बैठे प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर नमाज की इजाजत दी गई है, वह उनकी निजी व पुश्तैनी संपत्ति है जिस पर वे कई पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं. स्थानीय निवासी अभिनव बिजवा और पुष्पा बिजवा ने प्रशासन पर बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के मनमाना फैसला लेने का आरोप लगाया है. उनका साफ कहना है कि यदि प्रशासन जबरन उनकी जमीन को समतल करने या कब्जे की कोशिश करेगा तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला परिसर के पास भारी पुलिस बल तैनात है.
Photo Credit: साबिर खान
कमाल मौलाना मस्जिद का दीदार और सुरक्षा-सुविधाओं की मांग
दूसरी तरफ, कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने वैकल्पिक स्थान के चयन की वजह बताते हुए कहा कि खसरा नंबर 611 और 612 की भूमि से कमाल मौलाना मस्जिद का सीधा व्यू दिखाई देता है, इसलिए इस जगह का चयन किया गया है. हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन पर भारी कीचड़ हो गया है. इसे देखते हुए मुस्लिम समाज ने प्रशासन से नमाजियों के सुरक्षित आने-जाने के लिए पक्का रास्ता बनाने, वजू के लिए पानी की उचित व्यवस्था करने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने का अनुरोध किया है.
बारिश बनी नई चुनौती, मंथन में जुटे अधिकारी
धार और आसपास के इलाकों में जारी रिमझिम बारिश ने प्रशासनिक अमले की चिंताएं और बढ़ा दी हैं. खुले मैदान में पानी और कीचड़ के बीच सैकड़ों नमाजियों के लिए व्यवस्था जुटाना अधिकारियों के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है. एसडीएम राजकुमार हलदर ने बताया कि सभी परिस्थितियों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. मौसम की स्थिति और स्थानीय विरोध दोनों को ध्यान में रखते हुए लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि कोर्ट के आदेशों के तहत नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके.
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