- भारत ने PoK में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी बलों की हिंसा की कड़ी निंदा की
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को दुश्मन बताकर वहां के लोगों के प्रति तिरस्कार प्रदर्शित किया
- PoK में हो रहे विवादित चुनावों को भारत ने पाकिस्तान की सत्ता-व्यवस्था की शर्मनाक असफलता बताया है
भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की. भारत ने कहा कि जब पाकिस्तान ने प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों को "दुश्मन" कहा, तो इससे लोगों के प्रति उसकी "बेरुखी" और "तिरस्कार" साफ जाहिर हुआ. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तानी प्रशासन PoK के शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ लगातार "बेरहम बल" का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके कारण 40 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने कहा, "PoJK के मासूम लोगों के प्रति उसका पूरी तरह से तिरस्कार तब सामने आया, जब उनके रक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे नागरिकों को दुश्मन करार दिया." जयसवाल ने यह भी कहा कि राजनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि जिन "मुजाहिदीन" को पाकिस्तानी तंत्र ने भारत को "खून बहाने" (कमजोर करने) के लिए प्रशिक्षित और हथियारों से लैस किया था, उन्होंने अब उन्हीं पर हमला कर दिया है और वे देश के खिलाफ ही हथियार उठा चुके हैं.
Delhi: MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "Branded the protesting civilians as enemies, you would have seen those comments. Adding to this the Special Assistant of the Prime Minister on Political Affairs openly admitted that the very Mujahideen that Pakistani establishment… pic.twitter.com/S6422EX5p9
— IANS (@ians_india) July 31, 2026
PoK में हो रहे तथाकथित चुनावों के बारे में, जो हिंसक झड़पों और धांधली के आरोपों के बीच चल रहे हैं, रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये चुनाव पाकिस्तान के सत्ता-तंत्र को "शर्मनाक तरीके से नकारे जाने" को दर्शाते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoK के हालात को लेकर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की. उन्होंने कहा, "हिंसक शासन का सामना कर रहे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गैर-कानूनी हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है. हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के कामों की जांच करे और उसके अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराए."
PoK में विरोध-प्रदर्शन
खबरों के मुताबिक, पिछले चार दिनों में PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बेरहम कार्रवाई में 40 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं. मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल हैं, जो जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की सेंट्रल कमेटी के सदस्य उमर नजीर के भाई थे.
PoK में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान JAAC विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहा है. इन चुनावों पर हिंसा, चुनावी धांधली के आरोपों और लोगों के जबरन गायब किए जाने की खबरों का साया रहा है.
पिछले महीने से ही इस इलाके में रहने-सहने के बढ़ते खर्च, प्रशासन की कथित बेरुखी और अल्पसंख्यकों के साथ राजनीतिक भेदभाव व अत्याचारों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
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