इस्लामाबाद:
रमजान के महीने में राजधानी के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर शीतल पेय पी रहे दो लोगों को पाकिस्तानी पुलिस ने हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट की।
अनवर अब्बास और मलिक सईद शुक्रवार को दोपहर बाद इस्लामाबाद के व्यूप्वाइंट दमन-ए-कोह में कार के भीतर बैठकर शीतल पेय पी रहे थे।
‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस बात की सूचना इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख बानी यमिन को दी गई जिन्होंने आश्वस्त किया कि इस घटना में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब्बास ने कहा, मैं रोजा नहीं रख रहा था और जानता था कि लोगों के सामने शीतल पेय पीना नैतिक रूप से गलत होगा इसलिए मैंने एक ऐसा स्थान चुना जहां कोई मौजूद नहीं था। इसी बीच एक पुलिस हवलदार आया और उसने कहा कि रोजा के दौरान ऐसा करना रमजान अधिनियम का उल्लंघन है और एक गंभीर अपराध है।
अब्बास ने कहा कि उसने हवलदार को बताया कि वह रोजा नहीं रख रहा है। उसने कहा, मैंने हवलदार से यह भी कहा कि रोजा के दौरान लोगों को खाने से रोकना उसका काम नहीं है लेकिन उसने कहा कि उसे इस्लाम के उपदेशों को लागू करना है। हवलदार ने और दो पुलिसवालों को बुला लिया और अब्बास और सईद को नजदीकी पुलिस थाने ले गया।
अब्बास ने कहा कि तेज बहस के बाद पुलिसवालों ने अपने बेल्ट से उनके साथ मारपीट की। कुछ देर बाद जब पुलिसवालों को लगा कि मामला नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है तो उन्होंने दोनों को छोड़ दिया।
पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत कोहसार पुलिस थाने और इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख से की है। पुलिस प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब्बास ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने माफी मांगनी शुरू कर दी है और उनके वरिष्ठ अधिकारी शिकायत वापस लेने के लिए उसने संपर्क कर रहे हैं। अनाम पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्रवाई कानून और नैतिकता के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, जब तालिबान ऐसा करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं लेकिन अब पुलिस यही काम संघीय राजधानी में कर रही है। यह दिखाता है कि प्रणाली में भी कट्टरपंथी मौजूद हैं। पुलिस प्रमुख बानी यमिन ने कहा कि उन्होंने जांच का आदेश दे दिया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सूचना दी है कि दोनों शिकायतकर्ता समझौता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, यदि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत ले लेते हैं तो मामला बंद हो जाएगा।
अनवर अब्बास और मलिक सईद शुक्रवार को दोपहर बाद इस्लामाबाद के व्यूप्वाइंट दमन-ए-कोह में कार के भीतर बैठकर शीतल पेय पी रहे थे।
‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस बात की सूचना इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख बानी यमिन को दी गई जिन्होंने आश्वस्त किया कि इस घटना में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब्बास ने कहा, मैं रोजा नहीं रख रहा था और जानता था कि लोगों के सामने शीतल पेय पीना नैतिक रूप से गलत होगा इसलिए मैंने एक ऐसा स्थान चुना जहां कोई मौजूद नहीं था। इसी बीच एक पुलिस हवलदार आया और उसने कहा कि रोजा के दौरान ऐसा करना रमजान अधिनियम का उल्लंघन है और एक गंभीर अपराध है।
अब्बास ने कहा कि उसने हवलदार को बताया कि वह रोजा नहीं रख रहा है। उसने कहा, मैंने हवलदार से यह भी कहा कि रोजा के दौरान लोगों को खाने से रोकना उसका काम नहीं है लेकिन उसने कहा कि उसे इस्लाम के उपदेशों को लागू करना है। हवलदार ने और दो पुलिसवालों को बुला लिया और अब्बास और सईद को नजदीकी पुलिस थाने ले गया।
अब्बास ने कहा कि तेज बहस के बाद पुलिसवालों ने अपने बेल्ट से उनके साथ मारपीट की। कुछ देर बाद जब पुलिसवालों को लगा कि मामला नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है तो उन्होंने दोनों को छोड़ दिया।
पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत कोहसार पुलिस थाने और इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख से की है। पुलिस प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब्बास ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने माफी मांगनी शुरू कर दी है और उनके वरिष्ठ अधिकारी शिकायत वापस लेने के लिए उसने संपर्क कर रहे हैं। अनाम पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्रवाई कानून और नैतिकता के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, जब तालिबान ऐसा करता है तो हम उसकी निंदा करते हैं लेकिन अब पुलिस यही काम संघीय राजधानी में कर रही है। यह दिखाता है कि प्रणाली में भी कट्टरपंथी मौजूद हैं। पुलिस प्रमुख बानी यमिन ने कहा कि उन्होंने जांच का आदेश दे दिया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सूचना दी है कि दोनों शिकायतकर्ता समझौता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, यदि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत ले लेते हैं तो मामला बंद हो जाएगा।
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Pak Police, Assault For Having Soft Drink During Ramzan, पाकिस्तान पुलिस, रमजान के दौरान पानी पीने पर मारपीट