सोल:
उत्तर कोरिया ने शनिवार को कहा कि वह औपचारिक रूप से दक्षिण कोरिया के साथ 'युद्ध की स्थिति' में प्रवेश कर गया है और आगाह किया कि कोई उकसावेबाजी इसे परमाणु संघर्ष में बदल सकती है।
उत्तर कोरिया ने एक बयान में कहा, अभी, अंतर-कोरिया (उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच के) रिश्ते युद्ध की स्थिति में प्रवेश कर गए हैं और दो कोरियाओं के बीच के सभी मामले युद्धकालीन नियमों के तहत निबटाए जाएंगे। यह उत्तर कोरिया की तरफ से धमकियों की कड़ी में नवीनतम है। इसी तरह की चेतावनियां दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी दी है। इससे दुनिया में चिंता हो गई है कि हालात काबू से बाहर निकल सकते हैं।
सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की आर से जारी बयान में कहा गया है, कोरियाई प्रायद्वीप की 'न तो युद्ध और न ही शांति' वाली दीर्घकालीन स्थिति अंतत: समाप्त हो गई है। दक्षिण और उत्तर कोरिया दोनों हमेशा तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में बने रहे हैं, क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध का समापत किसी शांति समझौते की बजाय युद्ध-विराम में हुआ था।
इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो।
शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा।
उत्तर कोरिया ने एक बयान में कहा, अभी, अंतर-कोरिया (उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच के) रिश्ते युद्ध की स्थिति में प्रवेश कर गए हैं और दो कोरियाओं के बीच के सभी मामले युद्धकालीन नियमों के तहत निबटाए जाएंगे। यह उत्तर कोरिया की तरफ से धमकियों की कड़ी में नवीनतम है। इसी तरह की चेतावनियां दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी दी है। इससे दुनिया में चिंता हो गई है कि हालात काबू से बाहर निकल सकते हैं।
सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की आर से जारी बयान में कहा गया है, कोरियाई प्रायद्वीप की 'न तो युद्ध और न ही शांति' वाली दीर्घकालीन स्थिति अंतत: समाप्त हो गई है। दक्षिण और उत्तर कोरिया दोनों हमेशा तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में बने रहे हैं, क्योंकि 1950-53 के कोरियाई युद्ध का समापत किसी शांति समझौते की बजाय युद्ध-विराम में हुआ था।
इससे पहले, इसी माह उत्तर कोरिया ने ऐलान किया था कि वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में दक्षिण के साथ किए गए युद्ध-विराम और अन्य द्विपक्षीय शांति समझौतों को खत्म कर रहा है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह वास्तव में कोई नई धमकी नहीं है... बस उकसावेपूर्ण धमकियों की शृंखला का एक हिस्सा है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सीमा से लगे इलाकों में कोई खास सैन्य आवाजाही नहीं देखी गई। युद्ध-विराम को निरस्त करना सैद्धांतिक रूप से युद्ध आरंभ करने का रास्ता खोलता है। बहरहाल, विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उत्तर कोरिया ने युद्ध-विराम के खत्म होने की घोषणा की हो।
शनिवार के बयान में चेतावनी दी गई है कि उत्तर-दक्षिण के बीच जमीनी या समुद्री सरहद के निकट किसी भी सैन्य उकसावे से 'कोई पूर्ण संघर्ष या परमाणु युद्ध' छिड़ सकता है। ज्यादातर पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह सिर्फ फिकरेबाजी तक ही सीमित रहेगा, किसी युद्ध में नहीं बदलेगा।
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