- नेपाल के गृहमंत्री सूदन गुरुंग ने हितों के टकराव से बचने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया है
- सूदन पर आरोप थे कि उन्होंने अपने शेयर निवेश और आर्थिक लेनदेन की जानकारी छुपाई थी
- गुरुंग के व्यापारिक संबंध विवादित कारोबारी से पाए गए हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के दायरे में हैं
Nepal Home Minister Resigned: नेपाल के गृहमंत्री सूदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सूदन ने लिखा, "पिछले दिनों नागरिक स्तर से मेरे शेयर सहित विभिन्न विषयों पर उठे प्रश्न, टिप्पणियां और जांच को मैंने गंभीरता से लिया है. मुझसे संबंधित विषय में निष्पक्ष जांच हो और पद पर रहते हुए किसी तरह का हितों का टकराव न दिखे और उस पर कोई प्रभाव न पड़े, इस मकसद से मैंने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है."
नेपाल के गृहमंत्री ने आगे लिखा, "मेरे लिए पद से बड़ा विषय नैतिकता है. और जनविश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती. आज देश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए उठ रहे Gen Z आंदोलन ने भी यही संदेश दिया है कि सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व उत्तरदायी होना चाहिए. मेरे भाइयों और बहनों के रक्त और बलिदान के आधार पर बने इस सरकार पर यदि कोई सवाल करता है तो उसका उत्तर नैतिकता ही है."
क्या है आरोप?
सूदन गुरुंग पर आरोप था कि उन्होंने शेयर में लगे अपने पैसों के बारे में जानकारी छुपाई. उसके अलावा मनी लॉंड्रिंग के आरोपी के साथ आर्थिक लेनदेन किया. ये जानकारी भी उन्होंने सार्वजनिक नहीं की. इन सारे विवादों के बीच वो लोगों के निशाने पर थे. मात्र 38 साल के सूदन गुरुंग ने अब इस्तीफा दे दिया है.
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निवेश और दीपक भट्टा की कंपनियों के बीच संदिग्ध संबंध पाए गए हैं. आरोप है कि गुरुंग ने दो कंपनियों- लिबर्टी माइक्रो लाइफ इंश्योरेंस और स्टार माइक्रो इंश्योरेंस में 25-25 हजार शेयर खरीदे थे. ये कंपनियां दीपक भट्टा और जगदंबा ग्रुप की बताई जाती हैं.
आरोपों पर सूदन गुरुंग का क्या कहना है?
द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दोनों कंपनियों में 50 लाख के शेयर होने की बात मानी है. साथ ही बचाव करते हुए कहा है कि जिस व्यक्ति की मंशा संपत्ति छिपाने की होती है, वह 2 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की खुलेआम घोषणा नहीं करता. उन्होंने दावा किया कि शेयरों में उनका निवेश पारदर्शी है. यह केवल उन्हें क्लासिफाई (वर्गीकृत) करने की गलती हो सकती है. कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की जा रही है.
यह भी पढ़ें: नकली बैंक, 60 करोड़ का गबन और फिर फरार... पाकिस्तान में जेडी वेंस के साथ दिखे उमर फारूक जहूर के काले कारनामे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं