- नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ में कम से कम 162 लोगों की मौत हुई और 750 से अधिक लोग लापता हैं
- ग्लेशियर झील के फटने से रसुवा और नुवाकोट जिलों में भारी तबाही हुई, बस्तियां और आधारभूत संरचनाएं नष्ट हुईं
- भारत सहित कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए भोजन सामग्री, नकद सहायता और अन्य राहत सामग्री भेजी है
Nepal Flash Floods: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ ने कम से कम 162 लोगों की जान ले ली. तकरीबन 750 लोग अभी लापता हैं, जिनमें 288 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. ग्लेशियर झील के फटने से आए जलसैलाब से नेपाल में सबसे ज्यादा रसुवा और नुवाकोट जिले प्रभावित हुए हैं. यहां बस्तियां, बाजार, सड़कें और पुल आदि तबाह हो गए हैं. 10 हजार परिवारों को तत्काल राहत की आवश्यकता है.
भारत समेत दुनिया भर के कई देशों ने बाढ़ प्रभावित नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. न केवल भोजन सामग्री नेपाल भेजी जा रही है, बल्कि नकद मदद भी की जा रही है. नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में खोज और बचाव अभियान जारी रहने के बीच, सरकारी अधिकारी और सहायता संगठन उन हजारों लोगों की मदद के लिए दान की अपील भी कर रहे हैं जिन्होंने बाढ़ की वजह से अपने घर, आजीविका और मूलभूत सुविधाएं खो दी हैं.
नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के कई तरीके हैं.
1. प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष: आप मदद की राशि सीधे नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में भेज सकते हैं. वाशिंगटन स्थित नेपाली दूतावास और न्यूयॉर्क स्थित वाणिज्य दूतावास ने विदेशों में रहने वाले नेपाल के नागरिकों समेत दूसरे देशों के लोगों से भी प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में मदद देने का आग्रह किया है. नेपाल पीएमओ की वेबसाइट पर प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष के बैंक खातों की सूची और क्यूआर कोड समेत तमाम विवरण अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए हैं.


2. नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी: नेपाल में बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में राहत पहुंचाने के लिए नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी (NRCS) जमीनी स्तर पर काम कर रही है. इस सोसाइटी की वेबसाइट के जरिए भी नेपाल के लोगों की मदद की जा सकती है.

एनआरसीएस के 200 से ज्यादा कर्मचारी और स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर मलबे में लोगों को खोजने, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, प्राथमिक उपचार, खाने-पीने का सामान, कंबल और तिरपाल वितरण आदि का काम कर रहे हैं. संगठन का कहना है कि उनकी टीम अब तक 5,000 लोगों की मदद कर चुकी है और यह सिलसिला अभी भी जारी है. वे लोगों के लिए अस्थायी आश्रय बनाने का काम भी कर रहे हैं.

3. अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी संघ: नेपाल में बाढ़ प्रभावितों की मदद का एक जरिया अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी संघ भी है. आईएफआरसी ने आपदा राहत कोष के माध्यम से आपातकालीन आर्थिक मदद जारी की है, जो 10 लाख CHF से लेकर 5 लाख 20 हजार CHF तक बताई जा रही है. इसकी वेबसाइट के जरिए भी मदद की जा सकती है.
धोखाधड़ी से बचें?
किसी भी आपदा के शुरुआती 48 से 72 घंटों में आपदा राहत कार्यों के नाम पर धोखाधड़ी होना आम बात है. लोगों को सलाह दी गई है कि आर्थिक मदद देने से पहले कृपया आधिकारिक चैनलों या नेपाल के दूतावास और वाणिज्य दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट व सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से बैंक खाते के विवरण की सीधे पुष्टि जरूर कर लें.
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