नेपाल की राजधानी काठमांडू में एनडीटीवी वर्ल्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम 'अन्वीक्षा'में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने शामिल हुए. नेपाल में आई प्राकृतिक तबाही के बाद उनका कार्यक्रम संक्षिप्त कर दिया गया. उन्होंने एक छोटा सा भाषण दिया. इसमें उन्होंने कहा कि नेपाल, भारत और चीन एक ही पहाड़ सिस्टम साझा करते हैं. उन्होंने इस तरह की प्राकृतिक आपदा में नुकसान को कम करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल और चीन को इस दिशा में काम करना चाहिए.
मृतकों की दी गई श्रद्धांजलि
लामिछाने ने भाषण की शुरुआत में इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खड़े होकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने राहत और बचाव कार्य में लगे जवानों की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत,नेपाल और चीन अर्ली वार्निंग सिस्टम को विकसित करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं, जिससे किसी तबाही का पहले ही अनुमान लगाया जा सके और जान-माल की हानि को कम किया जा सके.
लामिछाने ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में कितने लोग मारे गए हैं, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है, क्योंकि लोगों की तलाश और राहत का काम अभी भी जारी है. इस काम ने राहत और बचाव दल लगे हुए हैं. इसलिए अभी मृतकों की संख्या को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा का असर सीमा पार तिब्बत में भी हुआ है.
पीएम नरेंद्र मोदी का आभार
आरएसपी प्रमुख लामिछाने ने प्राकृतिक आपदा के बाद भारत की ओर से सहायता के हाथ के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर तरह की सहायता का भरोसा दिलाया है. इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के उन देशों और एजेंसियों का भी आभार जताया, जिन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल को सहायता की पेशकश की है.
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