विज्ञापन

मुर्दाघरों में जगह खत्म, बनाए जा रहे अस्थायी श्मशान... नेपाल में रूह कंपाने वाला मंजर ; ग्राउंड रिपोर्ट

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद हालात बेहद भयावह बने हुए हैं. नारायणी नदी से 300 से अधिक अज्ञात शव बरामद किए गए हैं, जबकि मुर्दाघरों में जगह पूरी तरह भर चुकी है.

नेपाल में तबाही
  • नेपाल में त्रिशूली नदी की आपदा के नौ दिन बाद भी व्यापक तबाही और हजारों लापता लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
  • भरतपुर में मुर्दाघरों की भरमार के कारण अस्थायी कब्रिस्तान बनाकर 300 से अधिक अज्ञात शवों को दफनाया गया है.
  • लगातार बारिश और नरम मिट्टी के कारण भविष्य में शवों की पहचान के लिए निकालने की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है.
भरतपुर:

चारों तरफ सिर्फ सिसकियां और बेबसी का मंजर... नेपाल में त्रिशूली नदी की विभीषिका को गुजरे 9 दिन बीत चुके हैं. लेकिन तबाही अपने पीछे कभी न भरने वाले जख्म छोड़ गई है. इस कुदरती कहर के बाद जमीनी हकीकत इतनी खौफनाक है कि मुर्दाघरों में जगह नहीं बची है. आलम यह है कि इतने बड़े पैमाने पर पहुंचे शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन को अस्थायी श्मशान घाट बनाने पड़ रहे हैं.

कोई अपने लापता पिता की राह ताक रहा है, तो कोई अपने कलेजे के टुकड़े को तलाश रहा है. कई बस्तियों में तो हंसते-खेलते पूरे परिवार ही मलबे में समा गए. हादसे के नौवें दिन एक जलविद्युत परियोजना की गहरी सुरंग के मलबे से दो मजदूरों को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. मौत के साए से इन दो जिंदगियों का लौटना जहां उम्मीद बंधाता है, वहीं चारों ओर बिखरी लाशों का अंबार इंसानी रूह को झकझोर कर रख देने के लिए काफी है.

Latest and Breaking News on NDTV

भरतपुर में बनाना पड़ा अस्थायी कब्रिस्तान

नेपाल के भरतपुर में अस्थायी कब्रिस्तान बनाना पड़ गया है. दरअसल, नारायणी नदी से बरामद किए गए 300 से अधिक अज्ञात शवों को फिलहाल यहां दफनाया गया है, क्योंकि मुर्दाघरों में अब जगह नहीं बची है. NDTV ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. जिस स्थान पर ये अस्थायी कब्रिस्तान बनाया गया है, वहां गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है. जमीन में 300 से ज्यादा अज्ञात शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है.

शवों की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें मुर्दाघरों में रखना संभव नहीं रह गया है. हालांकि, इनकी पहचान का काम लगातार जारी है. चुनौती यह भी है कि क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिससे मिट्टी नरम हो रही है. ऐसे में यदि भविष्य में किसी शव को पहचान के लिए बाहर निकालना पड़ा, तो प्रक्रिया और मुश्किल हो सकती है.

Latest and Breaking News on NDTV

 शवों की पहचान करना बड़ी चुनौती

अधिकारियों ने सभी शवों के डीएनए सैंपल लेकर उन्हें फॉरेंसिक लैब भेज दिया है. वहीं, लापता लोगों के परिजनों के डीएनए नमूने भी जुटाए जा रहे हैं. दोनों के डीएनए का मिलान कर शवों की पहचान की जाएगी. हालांकि, 300 से अधिक शवों की पहचान करना बड़ी चुनौती है. कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त और सड़ चुके हैं, जिससे पहचान की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है. ऐसे में अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे परिवारों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है.

नेपाल में उस दिन क्या हुआ था?

नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. उफनती नदियों और मलबे की चपेट में आकर सैकड़ों लोग लापता हो गए, जबकि बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं. इस हादसे में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लपाता है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हालात इतने गंभीर हैं कि कई शवों की पहचान तक नहीं हो पा रही है. इस त्रासदी ने नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.

ये भी पढ़ें :  'जन्माष्टमी को भाई ने भी नया जन्म लिया', नेपाल सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले कबीर, NDTV से क्या बोला परिवार?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nepal Tragedy, Trishuli River Flood, Nepal Flash Flood, Nepal Flood
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com