नेपाल में आई बाढ़ के कारण करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. नेपाल सरकार की पहली रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लगभग 16 लाख लोग आपदा का शिकार हुए हैं. बाढ़ के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के अगल बगल बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि हुई है.
321 से ज्यादा शव चितवन में मिले
नेपाल सरकार की तरफ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि रसुवा और नुवाकोट सबसे ज़्यादा प्रभावित जिले हैं. इनके अला धादिङ, गोर्खा और चितवन में भी बाढ़ का असर हुआ है. प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 1050 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. ये आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ रहा है. सबसे अधिक 321 लोगों के शव चितवन में बरामद हुए हैं.
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11,814 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
नेपाल आपदा प्राधिकरण के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों से अब तक 11,814 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 253 विदेशी नागरिक हैं. केवल हवाई मार्ग से 3,702 लोगों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि 573 हवाई उड़ानें संचालित की गई हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में नेपाली सेना के 8,896, नेपाल पुलिस के 7,912 और एपीएफ के 4,203 समेत कुल 21,011 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टीमें भी लगातार काम कर रही हैं.
अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है इलाज
राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान घायल मिले लोगों को अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. अस्पतालों में 279 घायलों का इलाज किया गया है. इनमें 79 लोग अभी भी भर्ती हैं, जबकि 169 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और उपचार के दौरान 3 लोगों की मृत्यु हुई है. नेपाली सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में 2,740 लोगों को इलाज उपलब्ध कराया गया है.
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बड़े पैमाने पर नेपाली इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान
बुधवार को आई बाढ़ में कुल 41 पक्के पुल पूरी तरह बह गए हैं, जबकि 4 अन्य पुलों को क्षति पहुंची है. नुवाकोट में 1,267 घर पूरी तरह और 1,253 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. सैटेलाइट मैपिंग के अनुसार भोटेकोशी–त्रिशूली कॉरिडोर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 4,689 इमारतें रिस्की स्थिति में हैं. रसुवा के अति प्रभावित इलाकों के 14,461 लोग 6 दिनों से सड़क, बिजली और संचार सेवाओं से कटे हुए हैं. रसुवा के सभी प्रमुख राजमार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद हैं.
अभी भी ऐहतियात बरता जा रहा है
बाढ़ की वजह से नदी किनारे की सड़कों को कई जगहों पर सिर्फ दिन में खोला जा रहा है. नुवाकोट के टोखा–छहरे सड़क के घट्टेखोला में संभावित बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के कारण रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रोक दिया गया है. बेलकोटगढी–10 स्थित पासाङ ल्हामु सड़क भी पूरी तरह बंद है.
स्कूल और संचार माध्यमों को भी बड़ा नुकसान
संचार माध्यमों की बात करें आरके नेपाल टेलिकॉम के 110 और एनसेल कंपनी के 78 मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हुए हैं. वहीं रसुवागढी, रसुवा–भोटेकोशी, चिलिमे, लाङटाङ खोला, माथिल्लो त्रिशूली–2, माथिल्लो त्रिशूली–1, मैलुङ खोला, माथिल्लो त्रिशूली–3ए, माथिल्लो त्रिशूली–3बी, मध्य त्रिशूली गंगा नदी, त्रिशूली, देवीघाट और सुपर त्रिशूली लगायतका जलविद्युत परियोजनाओं को क्षति पहुंची है. हाइड्रो पॉवर और सोलार समेत कुल 783/385 मेगावाट की क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स के साथ सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन भी प्रभावित हुए हैं. रसुवा, नुवाकोट और धादिङ के 19 स्कूलों में पढ़ने वाले 6,901 छात्र प्रभावित हुए हैं। इनमें 8 स्कूल पूरी तरह और 8 स्कूल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि केवल 3 विद्यालय सुरक्षित हैं. रसुवा के स्याफ्रुबेंसी स्वास्थ्य चौकी, टिमुरे स्वास्थ्य चौकी, टिमुरे हेल्थ डेस्क (रसुवागढी) और मैलुङ सामुदायिक स्वास्थ्य इकाई पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं. गल्छी के बैरेनी अस्पताल और चरौंदी प्राइमरी हॉस्पिटल को आंशिक क्षति पहुंची है.
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