विज्ञापन

नेपाल तबाही: स्कूल ढहने के बाद जिसे मृत मान चुकी थी मां, रेस्क्यू टीम ने मासूम को मलबे से निकाला जिंदा

नेपाल में आई विनाशकारी आपदा ने पलक झपकते ही हंसती-खेलती वादियों को खंडहर में तब्दील कर दिया. चीख-पुकार और धूल के गुबार के बीच एक स्कूल ताश के पत्तों की तरह ढह गया. उसी मलबे में दब गया 8 साल का एक मासूम, जिसकी तलाश में दिन-रात एक कर दिए गए.

नेपाल तबाही: स्कूल ढहने के बाद जिसे मृत मान चुकी थी मां, रेस्क्यू टीम ने मासूम को मलबे से निकाला जिंदा
नेपाल में बाढ़
  • नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और सैकड़ों लोगों की जान ले ली है.
  • 28 वर्षीय मैटी माया तामांग को अपने आठ साल के बेटे जोयल घाले के जिंदा मिलने पर बड़ी राहत मिली है.
  • जोयल का स्कूल मलबे में पूरी तरह ध्वस्त हो गया था और उसकी मौत की आशंका जताई जा रही थी.

नेपाल में विनाशकारी तांडव ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया है. पीछे छूटे हैं सिर्फ चीख-पुकार और कभी न भरने वाले गहरे जख्म. कहीं अपनों से बिछड़ते परिवार का दर्द है, तो कहीं मलबे के ढेरों में जीवन की अंतिम उम्मीद तलाशती आंखें. लेकिन इसी घनघोर निराशा और मातम के बीच एक खबर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. आपदा के सैलाब में अपनी मां से जुदा हुआ एक मासूम सुरक्षित मिल गया. जब वह जिगर का टुकड़ा अपनी मां की गोद में वापस लौटा, तो उस मां की आंसुओं भरी मुस्कान ने यह साबित कर दिया कि संसार में ममता से बड़ा कोई कवच नहीं. औलाद की खातिर एक मां मौत से भी टकरा जाने का हौसला रखती है और इस मिलन ने तबाही के खौफ पर उम्मीद की रोशनी बिखेर दी है.

स्कूल की इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी

रायटर्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 28 वर्षीय मैटी माया तामांग अपने 8 साल के बेटे जोयल घाले से दोबारा मिल सकीं, जिसे वह मृत मान चुकी थीं. विनाशकारी बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से जोयल के स्कूल की इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी. इसके बाद मैटी माया तामांग को डर था कि उनका बेटा और उसका भाई शायद जीवित नहीं बच पाए होंगे. कई दिनों तक अनिश्चितता और भय के माहौल में उन्हें अपने बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई.

बचाव अभियान के दौरान जोयल घाले सुरक्षित मिला

हालांकि, शुक्रवार को चलाए गए राहत और बचाव अभियान के दौरान जोयल घाले सुरक्षित मिल गया. बेटे के जिंदा मिलने की खबर ने परिवार को उस समय बड़ी राहत दी, जब चारों ओर तबाही, मौत और लापता लोगों की खबरें आ रही थीं. नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने से आई इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. कई गांव, सड़कें, पुल और इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं.

आपदा के बीच भी चमत्कार संभव

ऐसे निराशाजनक माहौल में मां और बेटे का यह मिलन न केवल परिवार के लिए, बल्कि राहतकर्मियों और प्रभावित लोगों के लिए भी उम्मीद की एक मिसाल बनकर उभरा है. जब बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हैं और समय के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं, तब जोयल के सुरक्षित मिलने की घटना यह संदेश देती है कि आपदा के बीच भी चमत्कार संभव हैं.

बता दें कि नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सरकार के मुताबिक 626 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2500 के करीब लापता हैं. बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. यूएन से लेकर दुनिया के कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. भारत भी इस विकट घड़ी में नेपाल को हरसंभव मदद पहुंचा रहा है.

ये भी पढ़ें : 'दर-दर भटकता रहा ऋषिकेश', IIT दिल्ली के मृतक छात्र के साथियों का दर्द, बोले- मांग पूरी होने तक करेंगे प्रोटेस्ट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nepal Disaster, School Collapse, Nepal Flood News, Nepal Flash Flood, Nepal Tragedy News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com