- बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 734 हो गई है.
- कई हाईड्राे पावर प्रोजेक्ट में भी लोगों के फंसे होने की आशंका है.
- भारत ने खोज और बचाव कार्यों के लिए एक खास टेक्निकल टीम और उपकरण भेजे हैं.
काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 734 हो गई, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं. 'द काठमांडू पोस्ट' के मुताबिक, नेपाल के त्रिशूली कॉरिडोर में कीचड़ और मलबे के नीचे सैकड़ों हाइड्रो पावर वर्कर सुरंगों और जमीन के नीचे बने पावर हाउस में फंसे हुए हैं. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम छह हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के अंदर करीब 500 लोगों के फंसे होने की आशंका है. इनमें रसुवा जिले का प्रोजेक्ट भी शामिल है.
बचाव एजेंसियां खराब मौसम और मुश्किल रास्तों से जूझते हुए इन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. हाइड्रो-पावर प्लांट में रेस्क्यू ऑपरेशन का काम नेपाली सेना और नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स मिलकर कर रहे हैं. सेना ने प्रभावित इलाकों में लगभग 7,000 जवान तैनात किए हैं, जबकि NAPF ने करीब 4,000 कर्मियों को काम पर लगाया है.
भारत ने भेजे टनल एक्सपर्ट
काठमांडू में भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक बयान में कहा कि भारत ने खोज और बचाव कार्यों के लिए एक खास टेक्निकल टीम (जिसमें टनल एक्सपर्ट भी शामिल हैं) और उपकरण भेजे हैं. ये टीम उन हाइड्रोपावर टनल में काम करेगी, जहां बाढ़ के बाद मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. दूतावास ने बताया कि डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल इंजीनियरों वाली 11 सदस्यों की एक भारतीय टेक्निकल टीम शुक्रवार को काठमांडू पहुंची और शनिवार को नुवाकोट ज़िले के बाढ़ प्रभावित त्रिशूली इलाके में पनबिजली सुरंगों का मौके पर जाकर जायजा लिया.
अब तक 734 शव किए गए बरामद
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने के बाद हिमस्खलन जैसी घटना से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया और मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं.
पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेपाल में आपदा के पांचवें दिन भी बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में लगे हैं. साथ ही फंसे हुए लोगों को निकालने का अभियान भी जारी है. एनडीआरआरएमए के अनुसार, अब तक चितवन जिले से 259 शव, नवलपरासी पूर्व से 184, नवलपरासी पश्चिम से 82 और गोरखा जिले से 58 शव बरामद किए गए हैं. इसी तरह नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहू से 36 और रसुवा से 13 शव मिले हैं. प्राधिकरण ने बताया कि इस आपदा के बाद अब भी 2,498 लोग लापता हैं. इनमें 85 सुरक्षाकर्मी और 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान अब तक प्रभावित जिलों से 8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 227 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
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