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This Article is From Feb 23, 2026

नेपाल में चुनाव से ठीक पहले क्यों शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा? हिंदू-मुस्लिम तनाव के बीच कर्फ्यू जारी

Nepal Communal Clash: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के जॉइंट कोऑर्डिनेटर माधव कुमार नेपाल ने रौतहट के गौर नगरपालिका-6 के सपगड़ा में हाल ही में हुई घटना पर चिंता जताई है.

नेपाल में चुनाव से ठीक पहले क्यों शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा? हिंदू-मुस्लिम तनाव के बीच कर्फ्यू जारी
नेपाल आर्मी के सदस्यों की फाइल फोटो (एएफपी)
  • नेपाल के सीमावर्ती इलाके रौतहट के गौर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद कर्फ्यू लगाया गया है
  • नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव कुमार नेपाल ने दोनों समुदायों से धार्मिक सहिष्णुता और संयम की अपील की
  • कर्फ्यू जोन में गौर कस्टम्स ऑफिस से लेकर बाम कैनाल एरिया तक के इलाके शामिल हैं और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं

 नेपाल में 5 मार्च को चुनाव होने जा रहा है. आगामी चुनाव से कुछ दिनों पहले नेपाल के सीमावर्ती इलाके रौतहट के गौर समेत कुछ जगहों पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली. इस घटना के बाद हालात पर नियंत्रण रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया. वहीं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के जॉइंट कोऑर्डिनेटर माधव कुमार नेपाल ने रौतहट के गौर नगरपालिका-6 के सपगड़ा में हाल ही में हुई घटना पर चिंता जताई है.

आज एक अपील जारी करते हुए, जॉइंट कोऑर्डिनेटर नेपाल ने दोनों समुदायों से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद को खत्म करने के लिए संयम बरतने की अपील की है. धार्मिक सहनशीलता अपनाने और एक-दूसरे के धर्म, संस्कृति और त्योहारों का सम्मान करके सहयोग और मिलजुलकर रहने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने यह साफ किया कि सांप्रदायिक हिंसा किसी भी हालत में मंजूर नहीं है.

उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमान दोनों एक दूसरे के पूरक हैं. पूर्व पीएम नेपाल ने सरकार से स्थानीय लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया. एनसीपी नेता नेपाल लंबे समय से फेडरल पार्लियामेंट में अपने गृह जिले रौतहट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. उन्होंने यह देखते हुए कि मौजूदा समस्याओं का समाधान केवल आपसी बातचीत से ही हो सकता है, दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की.

एनसीपी के जॉइंट कोऑर्डिनेटर नेपाल आगामी चुनाव में रौतहट-1 से मैदान में उतरेंगे. उन्होंने कहा कि वह एक समुदाय द्वारा दूसरे के खिलाफ आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं में वृद्धि के बाद प्रशासन द्वारा लगाए गए 'कर्फ्यू' को सामान्य करने के लिए केंद्र में गृह मंत्री के साथ चर्चा कर रहे हैं.

कैसे शुरू हुई साम्प्रदायिक हिंसा

नेपाली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, यह तनाव वार्ड 6 के सबगढ़ में शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर दो समुदाय के लोगों के बीच एक शादी के जुलूस के दौरान बहस हुई. देखते ही देखते बहसबाजी हिंसा में तब्दील हो गई. इस दौरान पत्थरबाजी और एक गाड़ी में आग लगाने की घटना भी सामने आई.

नेपाली मीडिया काठमांडू पोस्ट के अनुसार, दो गुटों के बीच इससे पहले भी तनाव बढ़ा था और टकराव के बाद शुक्रवार शाम को छह प्वाइंट के समझौते पर सहमति बन गई. हालांकि, इसके बावजूद फिर शनिवार सुबह करीब 9 बजे तनाव फिर से बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों ने दोपहर 1 बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया.

जिला मजिस्ट्रेट दिनेश सागर भुसाल ने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अगली सूचना तक कर्फ्यू जारी रखा गया है. उन्होंने कहा, "स्थिति स्थिर हो रही है. हालात ठीक होने पर हम कर्फ्यू हटा देंगे."

कर्फ्यू जोन में गौर कस्टम्स ऑफिस, पूरब में मुदबलवा गेट, पश्चिम में लालकैया तटबंध तक और उत्तर में बाम कैनाल एरिया शामिल हैं. नेपाली आर्मी, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के सुरक्षाकर्मियों को व्यवस्था ठीक करने के लिए भेजा गया है. अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि इलाके में आने-जाने पर रोक है. सुबह 6:30 से 8:30 बजे के बीच जरूरी कामों के लिए कुछ छूट दी गई है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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