- नेपाल की सीमा से सटे बिरगंज के व्यापारी नए भंसार नियमों से खुश हैं, क्योंकि उनकी बिक्री में बढ़ोतरी हुई है
- आम नेपाली लोग भारतीय बाजार से सामान महंगा होने के कारण छूट और नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं
- नेपाल के मजदूर और आम लोग महंगे सामान की वजह से अपने परिवार के खर्च में कटौती करने को मजबूर हैं
भंसार वसूली के नियमों में सख्ती का नेपाल में भी विरोध हो रहा है.सीमा से सटे बिरगंज के व्यापारी जहां इस फैसले से खुश हैं तो वहीं आमलोग इस फैसले में बदलाव की मांग कर रहे हैं.दरअसल, नए नियमों के बाद भारतीय बाजार में नेपाली ग्राहकों की आवक घटी है, इससे नेपाल के दुकानदारों की बिक्री बढ़ी है, लेकिन आम लोगों के लिए यह सौदा महंगा साबित हो रहा है इसलिए वे छूट की मांग कर रहे हैं.
भारत का सामान नहीं खरीदा तो घर नहीं चलेगा
नेपाल के बिरगंज निवासी मुन्नी खातून राशन खरीदने रक्सौल आई हैं. वे अपने परिवार के लिए 5 हजार रुपए का राशन खरीद कर नेपाल जाएंगी.वे कहती हैं कि यही सामान अगर वे नेपाल के बाजार में खरीदेंगी तो उन्हें 6 हजार रुपए खर्च देने होते. वे दूसरों के घर में साफ-सफाई का काम कर के अपने 6 सदस्यीय परिवार का गुजारा करती हैं. वे कहती हैं, "इधर सस्ता सामान मिलता है तो हम ले पाते हैं. महंगा होगा तो हमें घर के सामान में कटौती करनी होगी." बिरगंज से ही खरीददारी के लिए आए प्रभुदयाल मजदूरी करते हैं. वे कहते हैं, "यहां सामान नहीं खरीदेंगे तो हमारा घर नहीं चलेगा. हम मजदूर आदमी हैं, पांच सौ रुपए कमाते हैं. नेपाल का महंगा सामान खरीदेंगे तो घर कैसे चलेगा."
ड्रग्स और तस्करी पर रोक लगाए सरकार, आम लोगों को परेशान नहीं करे
एनडीटीवी की टीम नेपाल भी गई.नेपाल में भी कई लोग सरकार के फैसले से नाराज हैं. 22 वर्षीय शरण गुप्ता कहते हैं, "सरकार को ड्रग्स तस्करी पर रोक लगानी चाहिए. सीमा से ड्रग्स की तस्करी हो रही है, उस पर कंट्रोल नहीं है, लेकिन सरकार गरीब लोगों को परेशान कर रही है.100- 200 रुपए का सामान कोई रईस नहीं खरीदेगा. गरीब लोग ही खरीदेंगे. सरकार को उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए." यही राय स्थानीय व्यापारी नरेश कुमार की भी है. वे कहते हैं कि 100-200 रुपए के सामान पर सख्ती के बजाय सरकार को अवैध तस्करी पर रोक लगानी चाहिए.छोटे नाकों से तस्करी हो रही है, उस पर रोक लगानी चाहिए.
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