
इंडोनेशिया का मैप...
जकार्ता:
ऑनलाइन नक्शे में इंडोनेशियाई द्वीप को सिंगापुर का हिस्सा दिखाए जाने के बाद उत्पन्न तनाव के बाद गुस्से से भरे अधिकारियों ने सीमा पर सेना को रवाना कर दिया है।
निर्माणाधीन द्वीप 'फैंटसी आईलैंड' को नक्शे में गलत दिखाए जाने के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए इंडोनेशियाई सांसदों ने भी देश की सम्प्रभुता की रक्षा करने की मांग की है।
नक्शे में शुरू में द्वीप पुलाउ मानिस को उसी नीले रंग में दिखाया गया था, जो सिंगापुर का रंग है। घटना को लेकर इंडोनेशियाई मीडिया में बहुत नाराजगी थी। उनका कहना है कि यह देश के भूभाग को चोरी से अपना बताने का दावा करने का प्रयास है। दोनों सरकारें इस मामले को लेकर बढ़ते तनाव को कम करने का प्रयास कर रही हैं। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह 'बहुत उलझा' हुआ मामला है, क्योंकि द्वीप पर कोई दावा नहीं किया गया है, जबकि जकार्ता ने इसे सिर्फ एक गलती बताया है।
पुलाउ मानिस को वेबसाइट के नक्शे में लाल रंग में बदल दिया गया है। लाल इंडोनेशिया के झंडे का एक रंग है, लेकिन इस वक्त तक इंडोनेशिया के स्थानीय बेस से सेना और नौसैनिकों को पलाउ मानिस द्वीप रवाना कर दिया गया है। वे लोग द्वीप पर सबसे ऊंचे स्थान पर इंडोनेशियाई झंडा फहराएंगे।
स्थानीय पर्यटन प्रमुख गुंटुर शक्ति का कहना है कि उन्होंने नक्शे को लेकर सिंगापुर को चेतावनी भेजी है, जबकि इंडोनेशियाई संसद के अध्यक्ष अदे कोमारूद्दीप ने सामाचार वेबसाइट 'त्रिबुनन्यूज' से कहा 'हमारी सम्प्रभुता को बरकरार रखा जाना चाहिए।' हालांकि इंडोनेशिया के विदेश मंत्री अरमानता नासिर ने मामले को ठंडा करने का प्रयास करते हुए कहा कि यह फैंटसी आईलैंड डेवेलपमेंट समूह की गलती के कारण हुआ है। द्वीप का निर्माण यही समूह कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'मामले को सुलझा लिया गया है। गलती सुधार ली गई है।' फैंटसी आईलैंड डेवेलपमेंट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
निर्माणाधीन द्वीप 'फैंटसी आईलैंड' को नक्शे में गलत दिखाए जाने के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए इंडोनेशियाई सांसदों ने भी देश की सम्प्रभुता की रक्षा करने की मांग की है।
नक्शे में शुरू में द्वीप पुलाउ मानिस को उसी नीले रंग में दिखाया गया था, जो सिंगापुर का रंग है। घटना को लेकर इंडोनेशियाई मीडिया में बहुत नाराजगी थी। उनका कहना है कि यह देश के भूभाग को चोरी से अपना बताने का दावा करने का प्रयास है। दोनों सरकारें इस मामले को लेकर बढ़ते तनाव को कम करने का प्रयास कर रही हैं। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह 'बहुत उलझा' हुआ मामला है, क्योंकि द्वीप पर कोई दावा नहीं किया गया है, जबकि जकार्ता ने इसे सिर्फ एक गलती बताया है।
पुलाउ मानिस को वेबसाइट के नक्शे में लाल रंग में बदल दिया गया है। लाल इंडोनेशिया के झंडे का एक रंग है, लेकिन इस वक्त तक इंडोनेशिया के स्थानीय बेस से सेना और नौसैनिकों को पलाउ मानिस द्वीप रवाना कर दिया गया है। वे लोग द्वीप पर सबसे ऊंचे स्थान पर इंडोनेशियाई झंडा फहराएंगे।
स्थानीय पर्यटन प्रमुख गुंटुर शक्ति का कहना है कि उन्होंने नक्शे को लेकर सिंगापुर को चेतावनी भेजी है, जबकि इंडोनेशियाई संसद के अध्यक्ष अदे कोमारूद्दीप ने सामाचार वेबसाइट 'त्रिबुनन्यूज' से कहा 'हमारी सम्प्रभुता को बरकरार रखा जाना चाहिए।' हालांकि इंडोनेशिया के विदेश मंत्री अरमानता नासिर ने मामले को ठंडा करने का प्रयास करते हुए कहा कि यह फैंटसी आईलैंड डेवेलपमेंट समूह की गलती के कारण हुआ है। द्वीप का निर्माण यही समूह कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'मामले को सुलझा लिया गया है। गलती सुधार ली गई है।' फैंटसी आईलैंड डेवेलपमेंट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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