काहिरा:
लीबिया में बढ़ती अशांति के बीच भारतीय दूतावास वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए लगातार दूसरे हफ्ते भी अपना अभियान जारी रखे हुए है। भाड़े पर लिया गया जहाज स्कोटिया प्रिंस बेनगाजी से 1188 भारतीयों को लेकर दो मार्च को मिस्र के एलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पहुंचा। इसके बाद तत्काल इन लोगों ने सरकार द्वारा भाड़े पर लिए गए पांच विमानों के जरिए भारत के लिए उड़ान भरी। इसके बाद स्कोटिया प्रिंस 1146 भारतीयों को निकालने के लिए तीन मार्च को फिर से बेनगाजी पहुंचा। इसके सात मार्च को एलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर लौटने की उम्मीद है। इन लोगों को भी मिस्र से विमानों के जरिए भारत लाया जाएगा जिसके इंतजाम पहले ही किए जा चुके हैं। शनिवार को 467 भारतीय मिस्र और लीबिया की सीमा के बीच स्थित सलोउम पहुंचे। वहां स्थित भारतीय अधिकारियों ने आव्रजन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें काहिरा तक लाने के लिए विशेष बसों का प्रबंध किया। इन्हें एक होटल में ठहराया गया है जो गल्फ एयर की उड़ान के जरिए मुम्बई के लिए रवाना होंगे। मुम्बई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और राज्य तथा केंद्रीय एजेंसियां उन्हें उनके गृह नगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। भारतीय दूतावास ने लीबिया की सीमा से लगती सलोअम क्रासिंग पर एक केंद्र स्थापित किया है जो उन यात्रियों को नए यात्रा दस्तावेज उपलब्ध करा रहा है जिनके कागजात लीबिया में मची अफरातफरी के चलते या तो खो गए या फिर जला दिए गए।