- शोभित माथुर ने बताया कि वे 2004 से 2009 तक अमेजन में H-1B वीजा पर काम कर चुके हैं और शुरुआती टीम का हिस्सा थे
- उन्होंने अमेजन की सफलता में H-1B वीजा धारकों के योगदान को रेखांकित किया
- वेंस ने कहा कि विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देकर अमेरिकी कर्मचारियों को निकालना और सैलरी कम करना गलत है
ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर शोभित माथुर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. इस बीच उन्हें अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की 'बंधुआ मजदूर' वाली बात चुभ गई. इसके बाद शोभित ने बगैर किसी तरह का गुस्सा जाहिर किए वेंस को शुभकामाएं दे दीं, मगर ये शुभकामना लेना शायद ही किसी अमेरिकी को पसंद आए. क्योंकि शोभित माथुर ने वेंस का उस सच से सामना कर दिया, जिसे शायद जानते हुए भी अमेरिकी सरकार और वहां के कुछ लोग स्वीकार नहीं करना चाहते.
शोभित माथुर का पढ़िए जवाब
शोभित माथुर ने लिखा, "जब Amazon ने मुझे H-1B वीजा पर नौकरी दी, तब कंपनी लगातार 10 सालों से घाटे में चल रही थी. यह एक किराए की बिल्डिंग से काम करती थी, जहां हम छोटे केबिनों में दरवाजों से बनी मेजों पर काम करते थे. मैं उस शुरुआती टीम का हिस्सा था. जिसने AWS बनाया था. आज AWS, Amazon के मुनाफे में 60% से ज्यादा का योगदान देता है. कंपनी के शेयर की कीमत 300 गुना बढ़ गई है. Amazon की बिल्डिंगों ने डाउनटाउन सिएटल का नजारा ही बदल दिया है. जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए. Amazon की शुरुआती टीम में मेरे जैसे लगभग सौ H-1B वीजा होल्डर थे. इन 'बंधुआ मजदूरों' के बिना कंपनियां और दौलत बनाने के लिए आपको शुभकामनाएं."
When Amazon hired me on an H-1B visa, Amazon was making losses for 10 straight years. It was operating out of a rented building where we worked on door desks in small cabins. I was in the initial team that built AWS. Today AWS contributes more than 60% to Amazon's profit. The stock price has gone 300x. Amazon's buildings have changed the skyline of downtown Seattle. Jeff Bezos went on to become the world's richest man. There were about a hundred H1B visa holders like me in the initial team of Amazon. Good luck building companies and wealth without these 'indentured servants'
— shobhit mathur (@shobweet) October 9, 2026
जेडी वेंस ने क्या कहा था
अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा धारकों पर कहा था 'हमारा संदेश माइक्रोसॉफ्ट और किसी भी अन्य विदेशी या फिर घरेलू कॉर्पोरेशन के लिए बिल्कुल सीधा है. हम चाहते हैं कि आप अपनी उन्नति अमेरिका में ही करिए, लेकिन अमेरिका के कामगारों को ही नौकरी पर रखिए. लेकिन आप अमेरिका के लोगों की छटनी करके उनकी जगह पर बंधुआ मजदूरों को नहीं रख सकते हैं.'
जेडी वेंस डेटा ने आगे कहा था, "अगर आप अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे हैं, तो आप उसी पद पर काम करने वाले अमेरिकी नागरिक की तुलना में $20,000 कम कमा रहे हैं. अगर आपको इनमें से किसी विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनी ने बुलाया है, तो आप उसी तरह के पद पर काम करने वाले अमेरिकी नागरिक की तुलना में $48,000 कम कमा रहे हैं. तो मुझे यकीन है कि यहां मौजूद हर कोई समझता है कि क्या खेल चल रहा है. आप देश के बाहर से बंधुआ मजदूरों को लाते हैं, अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालते हैं और, अगर आप एक कॉर्पोरेशन हैं, तो आप अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी कम करके बहुत सारा पैसा कमाते हैं, और उनकी जगह ऐसे लोगों को रखते हैं जिन्हें असल में अमेरिका में होना ही नहीं चाहिए."
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