- इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह का ऐसा 'पाताललोक' ढूंढ निकाला है जहां से वो इजरायली इलाकों पर हमला करता था.
- इस जगह पर सैंकडो ड्रोन बनाए जाते है और असेंबल किए जाते हैं.
- इजरायली सेना इस अंडरग्राउंड फैक्ट्री को तबाह कर देना चाहती है.
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के एक बेहद सीक्रेट और हाइटेक अंडरग्राउंड ड्रोन फैक्ट्री खोज निकाला है. इजरायली सरहद से महज 6 किलोमीटर दूर मज्दाल जौन गांव के नीचे छिपे इस ठिकाने को हिजबुल्लाह का 'अंडरग्राउंड एयरबेस' कहा जा रहा है. दावा किया जा रहा है इस अंडरग्राउंड ठिकाने को तैयार करने में ईरान ने मदद की है. ईरान ने पिछले एक दशक में भारी-भरकम फंडिंग और प्लानिंग के जरिए लेबनान में जमीन के नीचे हथियारों का यह सम्राज्य खड़ा करवाया था.
इजरायली सेना जब इस ठिकाने के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. यह कोई मामूली सुरंग नहीं थी, बल्कि पहाड़ को काटकर बनाई गई सैकड़ों मीटर लंबी और जमीन से करीब 29 मीटर गहरी एक पूरी कॉलोनी थी. इस ठिकाने की सुरक्षा के लिए लोहे के विशाल ब्लास्ट प्रूफ दरवाजे लगाए गए थे, ताकि किसी भी हवाई हमले का इस पर असर न हो. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, हिजबुल्लाह के अब तक जितने भी ठिकाने मिले हैं, यह उन सबमें सबसे आधुनिक और मजबूत था.
असेंबली लाइन से लेकर 50 बारूदी ड्रोन तक बरामद
तलाशी के दौरान इजरायली सैनिकों को 50 ऐसे ड्रोन मिले, जो पूरी तरह बनकर तैयार थे और उड़ने के लिए तैयार रखे थे. इन सभी ड्रोनों पर करीब 30-30 किलोग्राम के विस्फोटक फिट थे. इजरायली सेना के मुताबिक, ये ड्रोन इतने ताकतवर हैं कि इजरायल के किसी भी कोने में तबाही मचा सकते थे. इसके अलावा, सुरंग के भीतर करीब 8 टन बारूद भी बरामद किया गया है.
सुरंग के मुहाने पर बने 'लॉन्च शाफ्ट्स'
इस ठिकाने से सीधे इजरायल पर ड्रोन दागने का भी पूरा इंतजाम था. पहाड़ के दक्षिणी हिस्से की तरफ सुरंग के आखिरी छोर पर चार खास 'लॉन्च शाफ्ट्स' बनाए गए थे. ये शाफ्ट्स पटरियों पर चलने वाले भारी ब्लास्ट दरवाजों से ढके थे.
जांच के बाद जमींदोज होगा हिजबुल्लाह का पाताललोक
इजरायली सेना ने बताया कि साल 2024 के संघर्ष के दौरान इस इलाके पर हवाई हमले भी किए गए थे, लेकिन हिजबुल्लाह ने बाद में इस सीक्रेट बेस को फिर से चालू करने की कोशिश की. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में जमीनी कार्रवाई के दौरान इजरायली सैनिकों ने मज्दाल जौन इलाके पर कब्जा कर इस ठिकाने को अपने नियंत्रण में ले लिया. फिलहाल, इजरायल की कॉम्बैट इंजीनियरिंग यूनिट इस सुरंग की बारीकी से जांच कर रही है और खुफिया जानकारियां जुटा रही हैं. सेना का कहना है कि जांच पूरी होते ही बारूद के इस पूरे पाताललोक को ब्लास्ट करके हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया जाएगा.
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