कभी सुनहरे समुद्र तटों, हजारों साल पुराने रोमन खंडहरों और ताजे सी- फुड के लिए मशहूर लेबनान का ऐतिहासिक शहर टायर आज खामोशी और तबाही की तस्वीर बन चुका है. जंग से पहले यहां गर्मियों में टूरिस्ट्स की भीड़ उमड़ती थी, लेकिन अब सड़कों पर सन्नाटा है, होटल और रेस्तरां खाली पड़े हैं और लोग अपने ही शहर में डर के साये में जी रहे हैं. शहर के हिस्सों पर इजरायल का कब्जा हो चुका है. इजरायली हवाई हमलों ने न केवल इमारतों को तबाह किया है, बल्कि टायर की सदियों पुरानी ऐतिहासिक विरासत को भी गहरे जख्म दिए हैं.
सीजफायर के बावजूद तबाही
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच नई सीजफायर लागू होने के बावजूद शहर में सामान्य जीवन अभी भी लौट नहीं पाया है. लोगों को डर है कि पहले की तरह यह सीजफायर भी कभी भी टूट सकता है. स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, जिससे लेबनान के लोग भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद उनके देश में स्थायी शांति लौट सके. बता दें कि मार्च में शुरू हुए इजरायल और हिजबुल्लाह की जंग के बाद से लेबनान में 4,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हिजबुल्लाह ने ईरान जंग शुरू होने के दो दिन बाद इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद संघर्ष तेजी से बढ़ गया. अब इजरायली हमलों में दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से तबाह हो चुके हैं और टायर शहर भी इससे अछूता नहीं रहा.

इजरायली हमलों में तबाह लेबनान का टायर शहर (फोटो- एएफपी)
कभी टूरिस्ट्स से भरा रहता था शहर
गर्मियों के मौसम में टायर आमतौर पर टूरिस्ट्स से भरा रहता था. लोग यहां के समंदर के किनारों (सी बीच) पर समय बिताते थे, रोमन काल के अवशेष देखते थे, समुद्र से ताजा पकड़ी गई मछलियों का स्वाद लेते थे और नाव की सैर करते थे. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. जो कुछ रेस्टोरेंट अब भी खुले हैं, उनकी टेबलें खाली पड़ी हैं. समुद्र किनारे की पार्किंग में अब जंग से विस्थापित हुए लोग टेंट लगाकर रह रहे हैं. कभी यहां टूरिस्टों की गाड़ियां खड़ी रहती थीं. एपी की रिपोर्ट के अनुसार मछुआरों और नाविकों का कहना है कि वे बंदरगाह से ज्यादा दूर जाने की हिम्मत नहीं करते, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उन्हें निशाना न बना लिया जाए.
जून की शुरुआत में इजरायल ने पूरे टायर शहर को खाली करने की चेतावनी दी थी और फिर पूरे शहर में भारी हवाई हमले किए. इजरायल का कहना था कि उसका निशाना हिजबुल्लाह है. लेकिन हमलों का असर शहर के ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच गया. दूसरी शताब्दी के एक प्राचीन किले के अवशेषों के पास कई इमारतें हमलों में तबाह हो गईं.

मलबे के कारण कुछ रोमन स्तंभों के ऊपरी हिस्से टूट गए हैं

यह शहर हजारों साल पुराने रोमन खंडहरों के लिए प्रसिद्ध है (जंग से पहले की फोटो- एएफपी)
रिपोर्ट के अनुसार टायर के लोगों को हर दिन यह एहसास हो रहा है कि स्थायी शांति अभी भी दूर है. शहर के दक्षिण में बड़े इलाके अब भी इजरायली नियंत्रण में हैं. हाल के दिनों में टायर के समुद्र तट से दूर इजरायली तोपों की गोलाबारी का धुआं दिखाई देता रहा. दूर एक पहाड़ी पर लहराता इजरायली झंडा लोगों को लगातार याद दिलाता है कि युद्ध भले धीमा पड़ गया हो, लेकिन उसका साया अभी भी टायर पर मंडरा रहा है.
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