अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में शुरू 60 दिनों की वार्ता में पहली बड़ी बैठक हो चुकी है. एक तरफ बातचीत के मध्यस्थ कतर और पाकिस्तान ने दावा किया है कि ईरान और अमेरिका 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमत हो गए हैं. वहीं ईरान का कहना है कि उसकी विदेशों में जब्त कुछ संपत्तियों (फ्रोजन एसेट्स) को रिलीज कर दिया गया है.
सोमवार, 22 जून को X पर किए गए एक पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि बातचीत के दौरान ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक हटा दी गई है. ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी खत्म कर दी गई है. ईरान की कुछ जमी हुई संपत्तियां (फ्रोजन एसेट्स) भी जारी कर दी गई हैं. साथ ही ईरान के पुनर्निर्माण और विकास के लिए एक बड़ी योजना पर भी चर्चा हुई है.
उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध को खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है. तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी रोक हटा दी गई है, नाकाबंदी समाप्त कर दी गई है, कुछ जब्त हुई संपत्तियां जारी कर दी गई हैं और ईरान के लिए पुनर्निर्माण और विकास की बड़ी योजना शुरू की गई है."
बातचीत की असली परीक्षा बाकी है- ईरान
अराघची ने कहा कि बातचीत की 'पहली असली परीक्षा' अभी बाकी है. इसके तहत लेबनान से जुड़े सभी पक्षों और मध्यस्थ देशों की मदद से एक डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाया जाएगा, ताकि पहली डील (MoU) के अनुसार लेबनान में जंग खत्म हो, यह सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा, "पहली असली परीक्षा लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल है."
सोमवार को कतर और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि यह शिखर सम्मेलन "सकारात्मक और रचनात्मक माहौल" में हुआ और इसके परिणामस्वरूप तकनीकी बातचीत के लिए एक नया तंत्र बनाया गया. बयान के अनुसार, सभी पक्षों ने एक उच्चस्तरीय समिति बनाने पर सहमति जताई है. दोनों तरफ के मुख्य वार्ताकार नियमित रूप से इस समिति को रिपोर्ट देंगे. साथ ही वे परमाणु मुद्दों, प्रतिबंधों और समझौते को लागू करने के लिए निगरानी तथा विवाद समाधान तंत्र पर काम करने वाले अलग-अलग कार्य समूहों (वर्किंग ग्रूप) का नेतृत्व करेंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं