Erbil Explosion: उत्तरी इराक के एरबिल शहर में मंगलवार तड़के कई जोरदार धमाकों की आवाजों से हड़कंप मच गया. स्थानीय पुलिस सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान से जुड़े ड्रोन हमलों ने एरबिल के आसपास के कई इलाकों को निशाना बनाया. अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के निकट भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं. हमलों के बाद क्षेत्र में आग लगने और सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताएं जारी हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत विफल होने पर फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है.
एरबिल में कई धमाकों से मची अफरा-तफरी
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी इराक के एरबिल के उत्तर-पूर्व में स्थित खलिफान और सोरान क्षेत्रों में कम से कम चार ड्रोन हमले किए गए. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन ड्रोन हमलों के बाद कई स्थानों पर भीषण आग लग गई.
Footage shows heavy air defense activity over the Erbil Governorate, Iraqi Kurdistan.
— MoloMonitor 🇮🇹 (@MoloWarMonitor) July 27, 2026
The IRGC launched a massive drone attack against Kurdish positions, several explosions are being reported due to the interceptions. pic.twitter.com/SMqvPIIIZo
बताया गया कि दो ड्रोन टारगेट किए क्षेत्रों के निकट दुर्घटनाग्रस्त भी हुए. वहीं एरबिल शहर में कम से कम सात धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिनमें कुछ घटनाएं अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास भी दर्ज की गईं.
अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ीं
हमलों के बाद सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं. पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि एरबिल के ऊपर दस से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान भरते देखे गए. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल किसी सैन्य कार्रवाई या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
गैस क्षेत्र और अन्य इलाकों को भी बनाया गया निशाना
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) ने इराकी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सुलेमानिया प्रांत के खोर मोर गैस क्षेत्र पर भी हमला हुआ है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अल-अनबर प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया. स्थानीय मीडिया में हदीथा बांध के पास कथित अमेरिकी ड्रोन के मलबे की तस्वीरें भी प्रसारित की गई हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हुआ हमला
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को Axios से कहा था कि यदि वार्ता सफल नहीं हुई तो अमेरिका "बहुत मजबूत सैन्य कार्रवाई" पर लौट सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बातचीत को एक और मौका देने के लिए प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को रोका गया है.
परमाणु समझौते और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चर्चा
Axios की रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा वार्ताओं का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से खोलना और ईरान के साथ व्यापक परमाणु समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना है. इस प्रक्रिया में ओमान, कतर, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. अमेरिकी पक्ष से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर भी सक्रिय रूप से शामिल बताए जा रहे हैं.
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