- होर्मुज अब पहले जैसा नहीं रहेगा और इसका नियंत्रण तेहरान के हाथ में ही रहेगा- ईरान
- ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज का प्रशासन तेहरान ही चलाएगा
- ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि गालिबाफ ने ओमान में भी रुककर दौरा किया, यह भी होर्मुज से लगा देश है
अमेरिका के जंग ने ईरान के हाथ में परमाणु से भी बड़ा हथियार दे दिया है- होर्मुज का कंट्रोल. यह बात खुद अमेरिका की खुफिया एजेंसियां मान रही हैं. ऐसे में एक बार फिर दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है. स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत के बाद ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज अब पहले जैसा नहीं रहेगा और इसका नियंत्रण तेहरान के हाथ में ही रहेगा. ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज का प्रशासन तेहरान ही चलाएगा. यह जानकारी मंगलवार को ईरान की सरकारी मीडिया ने दी.
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना के अनुसार, बातचीत से लौटने के बाद गालिबाफ ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं जाएगा और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इसका प्रशासन ईरान द्वारा किया जाएगा."
गालिबाफ के टेलीग्राम अकाउंट पर जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड के लग्जरी रिजॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई बातचीत से अच्छे रिजल्ट हासिल हुए हैं. उन्होंने कहा, "मेरी नजर में इस यात्रा से अच्छे नतीजे मिले हैं, खासकर होर्मुज के मुद्दे, लेबनान से जुड़ी चर्चाओं, तेल प्रतिबंधों में छूट और फ्रीज किए गए फंड जारी करने के मामले में."
ईरान की चांदी
वार्ता के बाद सोमवार को अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा दिए. समझौते के तहत ईरान को अमेरिका से कुछ प्रकार की प्रतिबंध राहत मिलने के साथ-साथ उसकी जब्त हुई संपत्तियां भी जारी की जाएंगी. वीडियो में गालिबाफ ने कहा, "बेशक, हमारा मानना है कि हम अभी इस प्रक्रिया की शुरुआत में हैं और हमें अपने प्रयास जारी रखने होंगे."
होर्मुज पर अब ईरान की मर्जी चलेगी?
शनिवार को तेहरान ने घोषणा की कि लेबनान में इजरायली हमलों के जवाब में उसने होर्मुज को दोबारा बंद कर दिया है. इसके बाद ईरान और अमेरिका इस बात पर सहमत हुए कि वे एक संपर्क व्यवस्था (कॉम्युनिकेशन सिस्टम) बनाएंगे, ताकि किसी भी घटना या गलतफहमी से बचा जा सके और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. यह जानकारी कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने दी.
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनियों के अनुसार, सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात जारी रहा और उसकी रफ्तार उस समय से भी तेज थी जब अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमति बनाई थी.
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